सीवन। बुधवार को माघ पूर्णिमा व्रत है। यह दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है और दान-पुण्य, स्नान तथा तपस्या के लिए श्रेष्ठ होता है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन गंगा स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। यह जानकारी संत छविराम दास ने एक भेंटवार्ता में दी है। संत ने कहा कि माघ माह को तपस्या और साधना का माह कहा गया है, और इस दिन किए गए पुण्य कर्म कई गुना फल प्रदान करते हैं। मान्यता है कि देवता इस समय पृथ्वी पर वास करते हैं और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है तथा दान करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है। श्रीमद्भागवत गीता में भी माघ माह में स्नान और जप के महत्व का उल्लेख किया गया है। सूर्योदय से पूर्व पवित्र नदियों में स्नान करना, सूर्यदेव को अघ्र्य देना और तुलसी की पूजा करना शुभ माना जाता है। इस दिन भोजन, वस्त्र, तिल, गुड़ और कंबल का दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। भक्तों के लिए यह दिन आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करने वाला होता है और ध्यान-साधना से आत्मिक शुद्धि होती है। संत ने कहा कि माघ पूर्णिमा व्रत का पालन करने से जीवन में शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।