संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रिपब्लिक ऑफ कोरिया में एक से अगस्त तक चल रही एशियन कुराश चैंपियनशिप में अंतिम दिन कैथल की बेटी सिमरन ने सीनियर वर्ग में -48 किलो भार वजन में स्वर्ण पदक जीत कर कैथल ही नहीं, बल्कि हरियाणा और पूरे भारत वर्ष का नाम विश्व में रोशन किया है।
जिला सचिव मनोज कुमार और हरियाणा कुराश संघ के सह सचिव संदीप कुमार ने बताया कि सिमरन बहुत ही मेहनती लड़की है इस समय आरकेएसडी कॉलेज की बीए द्वितीय की छात्रा है।
सिमरन के पिता एक किसान है और देबवन वाली गामडी कैथल से हैं। उनकी माता गृहिणी है। जूडो कोच जोगिंदर ने बताया कि सिमरन जूडो और कुराश दोनों में करीब 10 इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेल चुकी है। नेशनल लेवल पर भी 10 पदक जीत चुकी है, पिछले वर्ष जूनियर एशियन कुराश चैंपियनशिप में भी रजत पदक जीता था। इसे अलावा जूडो में वर्ल्ड चैंपियनशिप और एशियन जूनियर चैंपियनशिप खेल चुकी है।
इस उपलब्धि के लिए रवि कपूर टेक्निकल डेरेक्टर इंटरनेशनल कुराश, विक्रांत महासचिव द इंडियन कुराश एसोसिएशन जिला खेल अधिकारी राज रानी, सोमबीर महासचिव हरियाणा कुराश एसोसिएशन, अनिल अहलावत टेक्निकल चेयरमैन, डॉक्टर शक्ति सिंह, रमेश चहल, विजेंदर बेरवाल, राजकमल ढांडा, सतपाल शर्मा, कुलदीप शर्मा, विजय बूरा, रणधीर ढांडा, अनिल कुमार प्रेसिडेंट अवार्डी, हरिओम शर्मा, रविंद्र भट्टी, पवन पंचाल ने उसे बधाई दी।
क्या है कुराश
कुराश उज्बेकिस्तान का एक पारंपरिक कुश्ती खेल है, जो बिना किसी चोट के लड़ा जाता है। इसे निष्पक्ष साधनों से लक्ष्य प्राप्त करना के रूप में भी जाना जाता है। यह एक ऐसा खेल है जिसमें दो पहलवान एक-दूसरे को जमीन पर गिराने की कोशिश करते हैं, लेकिन इसमें कमर के नीचे पकड़ना या वार करना मना है।