संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। नगर में गर्म हवाओं और तीव्र तपिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त चल रहा है। दोपहर में जहां बाजार सुनसान रहते हैं वहीं सड़कों पर सन्नाटा नजर आता है।
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग शीतल पेयों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन रात के समय मच्छरों की बढ़ती संख्या ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। अत्यधिक तापमान के चलते मौसम जनित बीमारियों ने भी दस्तक दे दी है।
पशुपालकों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। पशुपालक बलवंत, पाला राम, दलबीर और बलबीर सिंह ने बताया कि सुबह 7 बजे से ही तेज गर्मी शुरू हो जाती है, जो देर शाम तक बनी रहती है। इसका प्रभाव पशुओं पर भी पड़ा है। लू के कारण पशुओं का दूध उत्पादन आधे से भी कम हो गया है। चारा सूख चुका है और तालाबों का पानी भी खत्म होता जा रहा है। जहां पानी है, वह सड़ चुका है, जिससे पशुओं के लिए पानी की कमी हो गई है।
कल से शुरू हो रहा धान का सीजन
कैथल। 15 जून से धान की रोपाई शुरू हो जाएगी। खेतो में कम संख्या में ट्यूबवेल चल रहे है लेकिन धान के सीजन में एक साथ ट्यूबवेल चलने से बिजली की खपत और बढ़ेगी।
बिजली खपत बढने से बिजली कटोंं में भी बढ़ोतरी हो जाती है। बिजली लोड ज्यादा होने के कारण बिजली की लाइन और अन्य उपकरण जल्द खराब हो रहे हैं। इस दौरान लोड बढ़ने से सुचारू रूप से किसानो को बिजली आपूर्ति देना बिजली निगम के लिए बड़ी चुनौती होगी। संवाद