फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

परमात्मा का अक्षर स्वरूप है श्रीमद्भागवत कथा : आचार्य संतोष

Fri, 06 Sep 2024 04:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
कलायत। श्री कपिल मुनि मंदिर परिसर में सात दिवसीय संगीतमय भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। इससे पूर्व नगर में कलश यात्रा निकाली गई। श्रीधाम वृदांवन से आए कथा व्यास संतोष कृष्ण त्रिपाठी ने कहा कि श्रीमद्भागवत की कथा भगवान की प्राप्ति कराने वाली है।

उन्होंने कहा कि यह कथा मृत्यु के भय को दूर करके भगवान की और आगे बढ़ाती है और भक्ति के साथ-साथ हमारे ज्ञान वैराग्य को बल देती है। श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है। श्रीमद्भागवत की कथा सात दिन का एक ऐसा आयोजन है जिसमें सात सोपान हैं। इनके माध्यम से एक-एक करके हम प्रत्येक सोपान पर बढ़ते जाते हैं। अंत में अपने जीवन का लक्ष्य जान जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कथा व्यास ने कहा कि जिस प्रकार परीक्षित ने भागवत कथा का श्रवण कर अभय को प्राप्त किया, वैसे ही भागवत जीव को अभय बना देती है। कथा में गोकर्ण और धुंधकारी के प्रसंग सुनाते हुए व्यास ने कहा कि धुंधकारी दुष्ट व चांडाल प्रवृति का था तो गोकर्ण सरल स्वभाव का था। मंदिर के पुजारी संजय गौतम व अनिरुद्ध गौतम ने बताया कि कथा का आयोजन देवी दवाला श्री कपिल मुनि सेवा ट्रस्ट व महिला मंडल के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है। पहले दिन के यजमान सरोज सिंगला व अनिल सिंगला रहे। कथा की समाप्ति पर श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें