संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। श्री भवानी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के तहत कथा के छठे दिन भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के मंगल विवाह प्रसंग का वर्णन किया। इस मौके पर वृंदावन से आए कथा वाचक आचार्य प्रदीप महाराज ने बताया कि भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और त्याग का मिश्रण ही श्रीमद्भागवत है। कलियुग में संसार रूपी भवसागर को पार करने का सबसे उत्तम साधन ही भागवत है।
कार्यक्रम के दौरान पंडाल में मौजूद भक्तों ने भगवान कृष्ण और रुक्मिणी के मंगल विवाह की मनमोहक झांकी के दर्शन किए और भक्तों ने रुक्मिणी का कन्यादान किया। शृंगार अंग वस्त्र आदि अर्पित किए। मुख्य यजमान निर्मल शर्मा धर्मपत्नी धर्मपाल शर्मा ने सपरिवार भागवत पूजन किया। कथा में व्यासपीठ से नगरपालिका चीका अध्यक्ष डॉ. रेखा रानी व भाजपा सांसद नवीन जिंदल के भतीजे प्रतीक जिंदल ने साथियों सहित महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया।
कुलदीप माजरा ने बताया कि 30 जून दिन रविवार को सुबह हवन यज्ञ करवाकर के आचार्य प्रदीप जी महाराज द्वारा भागवत कलस यात्रा में महिलाओं द्वारा जो कलश उठाए गए थे उन्हें वितरित किया जाएगा। इस मौके पर प्रधान राजीव शर्मा, मोती राम गर्ग, बलबीर
सैनी, रमेश मिगलानी, पंडित सुरेश शास्त्री अमूपुर वाले, पंडित संजीव क्योड़क मौजूद रहे।