राजौंद। सावन माह पूरी तरह से भगवान शिव को समर्पित होता है। इस माह में प्रतिदिन श्रद्धालुओं द्वारा शिवलिंग पर जलाभिषेक कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है। इस बारे आचार्य पंडित राम भगत हरित ने बताया कि श्रावण मास मंगलवार से शुरू हो रहा है और 31 अगस्त तक चलेगा। अधिक मास व पुरुषोत्तम मास होने के कारण अब की बार दो श्रावण है।
प्रथम श्रावण अमावस्या दिन सोमवार 17 जुलाई तक शुद्ध श्रावण मास रहेगा। 18 जुलाई से 16 अगस्त तक अधिकमास व पुरुषोत्तम मास रहेगा। उन्होंने बताया कि 17 अगस्त से 31 अगस्त तक शुद्ध श्रावण मास होगा। अब की बार 15 जुलाई दिन शनिवार को शिव चौदस व्रत होगा। 15 जुलाई को रात आठ बजकर 34 मिनट से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा। उसी दिन शनि प्रदोष व्रत भी है। उन्होंने बताया कि श्रावण मास में शिव की पूजा का विशेष महत्व है। उन्होंने बताया कि दो श्रावण होने के कारण 19 अगस्त को हरियाली तीज मनाई जाएगी। नाग पंचमी 21 अगस्त दिन सोमवार को मनाई जाएगी। श्रावणी कर्म व रक्षा बंधन का त्योहार 30 अगस्त को दिन बुधवार को मनाया जाएगा। सावन माह में सोमवार के व्रत रखने का बहुत अधिक फल मिलता है। सावन के महीने में भगवान भोलेनाथ सबकी मनोकामना पूर्ण करते हैं। श्रावण मास में भगवान शंकर को खुश करने के लिए प्रतिदिन शिवलिंग पर ऊ नम: शिवाय के मंत्र से बेल पत्र, पुष्प, दूध, दही, चावल व गंगा जल सहित अभिषेक करने से मन-वाछित फल की प्राप्ति होती है।