मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में लोगों की सुनवाई न करने पर कलायत एसएचओ अनूप सिंह व किठाना चौकी प्रभारी को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश जारी किए। साथ ही सीवन में भाजपा नेत्री के परिवार के नर्सिंग कॉलेज द्वारा डीएमसी गुम करने के आरोप व डीएफएससी विभाग के कर्मचारी द्वारा सुनवाई न करने की दोनों शिकायतों में केस दर्ज करने के आदेश जारी किए। विज शुक्रवार को काफी सख्त नजर आए। उन्होंने 14 में से 8 शिकायतों का निपटारा किया। साथ ही कहा कि जिसके साथ कोई नहीं, उनके साथ विज है और वे पढ़े लिखे मंत्री हैं। उनकी बैठक में अधिकारी पूरी तैयारी के साथ आएं।
बैठक शुरू होने पर गांव सजूमा निवासी तरसेम सिंह ने शिकायत दी थी कि उसके प्लॉट पर एक व्यक्ति कब्जा करना चाहता है। उसने उसकी पत्नी व उसके साथ मारपीट की। करीब 12 साल पुरानी इस घटना में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टा पुलिस ने उनकी एमएलआर रिपोर्ट फाड़ दी। उसने यह भी कहा कि उसे कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी नहीं आने दिया जाता। कलायत एसएचओ अनूप सिंह सहित एसपी ने भी मंत्री को जवाब देते हुए तमाम प्रयास किए, लेकिन विज उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं हुए। विज ने कहा कि मेरी गाड़ी में बैक गियर नहीं हैं। मैं पढ़ा लिखा मंत्री हूं। मेरे पास माफी नाम का कोई खाना नहीं है। जिनके साथ कोई नहीं, उनके साथ विज है। बैठक में बिना तैयारी के क्यों आए? इस पर विज ने एसएचओ अनूप सिंह को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करके कैथल के एसडीएम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित करने के निर्देश दिए, जिनमें डीएसपी विनोद शंकर व समिति के मनोनित सदस्य सुरेश राविश को शामिल किया गया। यह समिति सभी पहलुओं की जांच करके अगली बैठक में रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
इसी प्रकार से दूसरी शिकायत में गांव किठाना निवासी प्रदीप ने बताया कि 2 नवंबर 2018 को जानलेवा हमला कर दिया था। पहले तो जांच अधिकारी ने 24 दिन तक एफआईआर दर्ज नहीं की। जब 26 को एफआईआर दर्ज की तो सात माह तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। जांच अधिकारी व उच्चाधिकारियों ने जान बूझकर जांच में देरी की है। इस पर मंत्री ने जांच अधिकारी ईएसआई भागीरथ को सस्पेंड करने के आदेश दिए। मंत्री बोले कि मेरा नाम अनिल विज है। कष्ट निवारण समिति की बैठक में मामलों से संबंधित अधिकारी पूरी तरह से तैयार होकर आएं। सीएम के आदेश हैं कि शिकायत मिलने पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।
भाजपा नेत्री के परिवार के कॉलेज पर एफआईआर के आदेश
गांव डेरा नागल निवासी दिलबाग सिंह ने कहा कि सीवन स्थित ज्योति नर्सिंग कॉलेज द्वारा उसकी लड़की की 12वीं मार्कशीट गुम कर दी गई। दाखिले के समय छात्रा की असली डीएमसी कॉलेज संचालक ने गुम कर दी। जब तक उसने डुप्लीकेट डीएमसी बनवाई छात्रा के पेपरों का समय निकल चुका था। इस कारण उसकी बेटी की पढ़ाई तो खराब हुई ही साथ में उसका करियर भी खराब हो गया। स्वास्थ्य मंत्री ने डीएसपी को निर्देश दिए कि वे संबंधित संस्थान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें व संस्थान की लापरवाही से छात्रा के चार वर्ष का समय खराब होने का मुआवजा भी दिलवाया जाए। यह कॉलेज सीवन से भाजपा नेत्री के परिवार का है और ये भाजपा नेत्री उस समय भी बैठक में मौजूद थीं, जब विज केस दर्ज करने के आदेश जारी कर रहे थे।
विज ने निपटा दी थी शिकायत, जाते-जाते कर्मचारी ने दी धमकी तो विज ने एफआईआर के आदेश जारी किए:-गांव बलबेहड़ा निवासी कृष्ण चंद डिपो होल्डर की राशन सप्लाई बंद करने संबंधित शिकायत की सुनवाई के बाद उसे राशन देने के आदेश जारी किए। इस मामले के निपटने के बाद जब शिकायतकर्ता वापिस जाने लगे तो कुछ देर बाद फिर विज के सामने आ खड़े हुए और बोले की मंत्री जी जाते-जाते कर्मचारी उन्हें धमकी दे रहे हैं। इस पर विज ने उन कर्मचारी व अधिकारी को भी वापिस बुलाया और आदेश जारी किए कि शिकायतकर्ता द्वारा धमकी देने की शिकायत करने पर तुरंत प्रभाव से केस दर्ज किया जाए।
बैठक में विज ने कलायत के वार्ड नंबर पांच निवासी राजेंद्र की आपसी मारपीट से संबंधित शिकायत के संदर्भ में संबंधित पुलिस अधिकारियों को अगली बैठक में पूरा रिकॉड़ॱर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने टटियाणा निवासी प्रगट सिंह की सरकारी स्कूल के सामने बिना अनुमति बोरवैल लगाने से संबंधित शिकायत की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। अनिल विज ने सोलुमाजरा निवासी महेंद्र सिंह, पूंडरी के वार्ड नंबर दो निवासी राजपति तथा कांगथली निवासी वकील की फसल खराब होने के मुआवजे से संबंधित शिकायत का भी निपटारा किया। भगत सिंह कालोनी निवासी रामफल व अन्य की सीवर की सफाई न होने व ढक्कन न होने की शिकायत की सुनवाई के बाद जन स्वास्थ्य विभाग के अधीक्षक अभियंता को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे इस सीवरेज लाईन की यथाशीघ्र सफाई करवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सिरसल निवासी राजकुमार की खेत से गंदे पानी की निकासी से संबंधित शिकायत की सुनवाई के बाद पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता को निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता के खेत से गंदे पानी की निकासी सुनिश्चित करें।