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जिलेभर में श्रद्धा से मनाया गया शिवरात्रि पर्व

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Shivratri festival celebrated with reverence across the district - फोटो : Kaithal
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जिलेभर में शिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का व्रत रखकर मंदिरों में पूजा की। शहर के प्राचीन श्री 11 रुद्री शिव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई, जो दिन भर जारी रही। महिलाओं ने व्रत रखकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। इसके साथ-साथ मंदिर में प्रसाद, फल, फूल, अनाज, तुलसी और बेलपत्र चढ़ाकर भगवान शिव से मनोकामनाएं मांगी। इसके अलावा शिव शक्ति धाम मंदिर, अंबकेश्वर मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर व अन्य शिवालयों में भी दिनभर श्रद्धालुओं की कतारें लगी रही।
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शिवरात्रि के उपलक्ष्य में छज्जू सराय कोठी गेट पर 51वां विशाल भंडारा लगाया गया। मणि महेश मंडल द्वारा लगाए गए भंडारे में भक्तों ने खीर व पकौड़े का प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में संस्था के डॉ. पवन गर्ग, महासचिव सतपाल गुप्ता, दीपक गुप्ता, सचिव मदन लाल मित्तल, सुरेंद्र बोबी, कपूर चंद गोयल व अन्य सदस्यों ने सेवा की।
सेक्टर-19 के सनातन धर्म मंदिर में शिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया गया। इसमें शहर के हजारों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया हैै। इस अवसर पर सनातन धर्म मंदिर के प्रधान जगदीश राय सिंगला व सचिव शिवकुमार व कोषाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, कृष्ण गुप्ता श्यामलाल, भूटानी, पवन कुमार गर्ग व अन्य मौजूद रहे।
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राजकीय प्राथमिक पाठशाला धौंस में शिवरात्रि पर्व पर पौधे लगाए गए। मुख्याध्यापक ईश्वर चंद शर्मा व शिक्षक दलबीर सिंह ने बताया कि 200 बच्चों को फल व फूलों के पौधे भी वितरित किए गए। शिक्षक अनिल मित्तल व राम अवतार अध्यापक ने बच्चों व ग्रामीणों को पौधों का महत्व बताया व इनके संरक्षण बारे में जागरूक किया। दूसरी ओर समाजसेवी प्रमोद ढांडा ने भी शहर में कई स्थानों पर शिवरात्रि के उपलक्ष्य में पौधरोपण किया।
श्रावणी शिवरात्रि पर कलायत स्थित श्री कपिल मुनि मंदिर व बाबा रुढ़पुरी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। मंदिर के पुजारी श्याम लाल गौतम ने बताया कि मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। बाबा रूढ़पुरी मंदिर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर में वीरवार रात्रि से ही धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन शुरू हो गया था। मंदिर में भजन संध्या का कार्यक्रम आयोजित किए जाने के साथ-साथ भंडारे का भी आयोजन किया गया। मंदिर के महंत बाबा मंगलनाथ ने बताया कि अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं ने पूजा की।
गांव बीड़ खडालवा में स्थित प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक के लिए भक्तों की अपार भीड़ उमड़ी। मान्यता है कि मंदिर में स्थित शिवङ्क्षलग करीब 5 हजार वर्ष पुराना है और पाताल से प्रकट बताया जाता है। इस स्थान पर भोले बाबा को पातालेश्वर और खट्वांगेश्वर के नाम से जाना जाता है। मंदिर के पुजारी ने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव का संबंध भगवान राम की वंशावली से जुड़ा है। भीड़ को नियंत्रित करने व व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए मंदिर के सेवादारों के अलावा पुलिस भी मौजूद रही।
नगर व आसपास के गांव में शिवरात्रि का पर्व लोगों ने विधि पूर्वक मनाया। लोगों ने मंदिरों में जाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया व भगवान शिव की आराधना की। मंदिर के पुजारी रामपाल कौशल ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते मंदिरों में अबकी बार कांवड़ियों के बिना रौनक अधूरी रही। इस दौरान युवा कमेटी व तहलका स्टूडियो द्वारा खीर का भंडारा लगाया गया, जो पूरा दिन निर्बाध रूप से चलता रहा। इस दौरान देवेंद्र भनोट, सुखदेव शर्मा, सुमित, अनिल, सोनू, अमित, कमल, प्रथम, शुभम, जतिन व हैप्पी सहित युवा कमेटी के सेवादार मौजूद थे।
शिव मंदिर धूना बाबा रामनाथ पूंडरी के श्री महंत योगी खुशीनाथ की अध्यक्षता शिवरात्रि के उपलक्ष्य में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इससे पूर्व यज्ञ भी किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुति अर्पित की। योगी खुशीनाथ ने कहा कि माता पार्वती का शिव से विवाह जीवात्मा का परमात्मा से मेल है। खजान नाथ जलबेहड़ा व योगी सोमवार नाथ पुजारी का कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान रहा। दूसरी ओर बिजली बोर्र्ड की ओर से शिव मंदिर में बिजली कर्र्मियों द्वारा भंडारा लगाया गया। शिव मंदिर में 6 सभी यूनिटों व रिटायर्ड कर्मचारियों की तरफ से सामूहिक रूप से भंडारे से पूर्व हवन किया गया। इस अवसर पर जय सिंह, सतनारायण शर्मा, जयभगवान, रामपाल राजौंद, जितेंद्र बाकल यूनिट प्रधान, राकेश कोटड़ा, हंसराज, कुलदीप सिंह, सीता राम, बलवान सोलंकी, बलबीर गुंबर, सतबीर प्रधान, राकेश शर्मा व अंकित वालिया मौजूद थे।
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