संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/कलायत। शनि जयंती के दिन शनिदेव का प्राकट्य हुआ था और यह दिन शनिदेव की आराधना के लिए विशेष रूप से पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि शनि देवता कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं और जब भक्त सच्चे मन से पूजा करते हैं तो शनिदेव उनकी सभी बाधाओं को दूर कर देते हैं।
तीसरा बड़ा मंगलवार और शनि जयंती का दुर्लभ योगइस बार शनि जयंती के साथ तीसरा बड़ा मंगलवार भी पड़ रहा है। यह संयोग भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना गया है। पंडित शांडिल्य का कहना है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा से शनि देव विशेष प्रसन्न होते हैं। यदि इस दिन कोई विशेष उपाय न भी कर सकें, तो केवल हनुमान चालीसा का पाठ और हनुमान जी की पूजा भी जीवन की कई बाधाओं को दूर कर सकती है।
पं. प्रेम शंकर शास्त्री ने बताया कि इस दिन शनि मीन राशि में स्थित रहेंगे। वृषभ राशि में बुध और सूर्य की युति से ‘बुधादित्य योग’ बन रहा है, जबकि शुक्र की मीन राशि में उपस्थिति से ‘मालव्य राजयोग’ का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’, ‘त्रिपुष्कर योग’, ‘सुकर्मा योग’ और ‘धृति योग’ जैसे शुभ संयोग दिन भर में विभिन्न समयों पर बनते रहेंगे। सुबह 5:25 से 5:32 तक केवल 7 मिनट का दुर्लभ ‘सर्वार्थ सिद्धि योग’ विशेष फलदायी रहेगा।
शनि दोष से राहत के लिए करें ये उपाय ः पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष है या जिन पर साढ़ेसाती या ढैय्या का प्रभाव चल रहा है, उन्हें इस दिन विशेष रूप से व्रत, पूजा और दान करना चाहिए। शमी व पीपल के वृक्ष की पूजा, छाया दान, तिल व तेल से शनिदेव का अभिषेक और अपंगों-बुजुर्गों की सेवा करने से विशेष पुण्य मिलता है। इससे जीवन में शांति, सफलता और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
सभी राशियों पर पड़ेगा प्रभाव ः पंडित विशाल शांडिल्य के अनुसार, इस वर्ष 27 मई को शनि जयंती पर कई दुर्लभ और विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहे हैं। इनका प्रभाव सभी 12 राशियों पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों रूपों में देखा जा सकता है। उन्होंने बताया कि शास्त्रों में शनि को न्यायाधीश और कर्मफलदाता ग्रह माना गया है।
तीसरा बड़ा मंगलवार और शनि जयंती का दुर्लभ योग ः इस बार शनि जयंती के साथ तीसरा बड़ा मंगलवार भी पड़ रहा है। यह संयोग भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना गया है। पंडित शांडिल्य का कहना है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा से शनि देव विशेष प्रसन्न होते हैं। हनुमान चालीसा का पाठ और हनुमान जी की पूजा भी बाधाओं को दूर कर सकती है।