खतरनाक और जर्जर भवनों को गिराने के बारे में प्रशासन को शिकायतें कर थक चुके लोगों के लिए राहत की खबर है। अब ऐसे भवनों से लोगों को मुक्ति दिलवाने के लिए स्थानीय निकाय विभाग ने सर्वे करवाने का निर्णय लिया है।
सर्वे के बाद इन भवन मालिकों को सात दिन का नोटिस देकर मलबा हटाने का निर्देश दिया जाएगा। स्थानीय निकाय विभाग ने 31 मार्च से पहले यह सर्वे कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं।
जर्जर भवन, हवेलियां लोगों के लिए खतरा
पुराने सात गेटों में बस रहे शहर में कई स्थानों पर जर्जर एवं पुराने भवन, पुरानी हवेलियां लोगों के लिए जी का जंजाल बनी हुई हैं। दशकों पुराने ये भवन कभी भी धराशायी हो सकते हैं। जिससे आसपास रहने वाले लोगों को जान-माल का नुकसान हो सकता है।
कई कालोनियों के निवासी जिला प्रशासन को इन जर्जर भवनों को लेकर शिकायत देते रहते हैं। लेकिन अभी तक परिषद ने कोई कारगर कदम नहीं उठाया। कई बार पुराने बाजारों में जर्जर भवन गिर चुके हैं और न केवल इनके आसपास रहने वाले लोगों, बल्कि राहगीरों की जान पर बन आई थी।
चार दिन पहले ही गिरी थी पुरानी बिल्डिंग
बागड़ियान मोहल्ला निवासी सुभाष, हरिओम, ऋषिपाल, राजेंद्र मित्तल, टीटू बंसल और बल्ली ने बताया कि चार दिन पहले ही उनके घरों के सामने एक 40 साल पुराना जर्जर भवन था, इसमें कई वर्षों से कोई नहीं रहता है। यह कभी भी गिर सकती है। वहीं, सुभाष ने बताया कि चार दिन पहले इसी इमारत का एक हिस्सा गिर गया था। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
यदि परिषद इन्हें हटवा दे तो यह एक सराहनीय कार्य होगा। इसी प्रकार से सर्राफा बाजार में विनय गर्ग का कहना है कि यहां कई भवन ऐसे हैं। जो जर्जर हालत में हैं। कभी भी गिर सकते हैं। जिससे लोगों का जान-माल का नुकसान हो सकता है।
31 मार्च तक जर्जर भवनों की सूची बनाने के आदेश
जर्जर भवनों को लेकर मिल रही शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए स्थानीय निकाय विभाग ने इन भवनों की सुध लेने का निर्णय लिया है। विभाग के डायरेक्टर ने जारी किए आदेशों में कहा है कि नगर परिषद की सीमा में सभी खतरनाक, जर्जर भवनों की पहचान करने के लिए 31 मार्च से पहले सर्वे पूरा करें। सर्वे करके रिपोर्ट नगर परिषद अभियंता के माध्यम से विभाग को दी जाएगी, ताकि इन भवनों को हटवाया जा सके।