संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। नगरवासी पिछले आठ वर्षों से अधर में लटके सीवरेज लाइन प्रोजेक्ट के चलते परेशान हैं। वर्ष 2017 में शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य था,
लेकिन अधिकारियों की अनदेखी और ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह आज तक अधूरा पड़ा है।
नगर की गलियों में बरसाती दिनों में गंदा पानी भर जाता है, जिससे लोगों को दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। शिकायतों और जांच रिपोर्टों के बावजूद प्रशासन की उदासीनता स्पष्ट दिखाई दे रही है। नगरवासी राहुल राणा, अशोक आर्य, प्रवीन कुमार और अमित सैनी सहित अन्य लोगों ने बताया कि तालाब गंदे पानी से भरे होने के कारण ओवरफ्लो होता है और गलियों में फैल जाता है, जिससे बदबू और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सीवरेज लाइन बिछाने के दौरान कई परिवारों को पंचायती भूमि पर आशियाना होने के कारण बेघर होना पड़ा। उन्होंने कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल होने के आरोप कई बार लगाए हैं। जिला प्रशासन ने जांच कमेटी बनाकर दो बार निरीक्षण भी किया, जिसमें कई खामियां मिलीं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। एग्रीमेंट के अनुसार, खोदी गई गलियों की मरम्मत भी ठेकेदार द्वारा करनी थी, लेकिन अधिकांश गलियों की मरम्मत या तो जनता ने अपने निजी खर्च पर करवाई या अब नगरपालिका करवा रही है।
ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग
स्थानीय लोगों ने बताया कि वे लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि जिला प्रशासन तुरंत कार्य का निरीक्षण करे, ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करे और सीवरेज लाइन का कार्य जल्द पूरा करवाए। अब तक दो बार ट्रायल लिए गए, लेकिन पाइपलाइन हर बार फट गई, जिससे आरोप और मजबूत हुए कि कार्य में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया था।
हेड ऑफिस में फाइल अप्रूवल के लिए भेजी गई है। अप्रूवल मिलने के बाद कार्य को जल्द ही पूरा कर दिया जाएगा। -कृष्ण कुमार, एसई-जनस्वास्थ्य विभाग