फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: सीवरेज निकासी ठप, मेनहॉल से वापस आ रहा गंदा पानी

Tue, 30 Sep 2025 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
29kht_27  कलायत में टूटे सीवरेज हॉल पर फसाई गई ईंटे व टाइल  संवाद 
विज्ञापन
निशीकांत शर्मा
विज्ञापन

कलायत। शहर के सभी वार्ड की बदहाल गलियों ने साथ अब सीवरेज भी ठप होने लगे है। शहर के आवासीय एवं व्यवसायिक क्षेत्रों में सीवरेज बैक मार रहे हैं। इनकी सफाई के लिए कर्मचारी आते हैं लेकिन बार-बार सीवरेज के ढक्कन खोलने से अब मेनहोल के ढ़क्कन व रिंग लगातार टूट रहे हैं। इससे यहां के करीब 25 हजार लोगों को परेशानी हो रही है। पानी की पाइपलाइन में सीवरेज का पानी मिलने घरों में दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इससे लोगों में रोष है
शहर निवासी प्रीत धीमान ने कहा कि कन्या स्कूल के सामने 11 सितंबर को मेनहोल के टूटे ढक्कन को बदला गया लेकिन वह 28 सितंबर को फिर से टूट गया। इसी तरह से राम कुमार धानिया ने कहा कि वार्ड नंबर 1 में पिछले 2 माह में चौथी बार मेनहोल के टूटे ढक्कनों को बदला गया है। वार्ड 12 की मेन गली में मेनहोल का ढक्कन बहुत दिनों तक टूटा रहा और केवल एक पतली छड़ी पर लाल कपड़ा टांग कर लंबे समय तक उसकी सूचना दी जाती रही। नगरवासियों ने मेनहोल के ढक्कनों व रिंग की गुणवत्ता पर सवाल उठाया है। नगरवासियों का कहना है कि रोज-रोज ढक्कन एवं रिंग बदलने से सरकार का बड़ा बजट व्यय हो रहा है और जनमानस को कोई लाभ नहीं मिल रहा। कई स्थानोंं पर तो इनकी मियाद 10 से 15 दिन भी नहीं है। इस स्थिति में पैदल चलने वालों के साथ-साथ वाहन चालकों के सामने गंभीर खतरा बना रहता है। विशेषकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। समाजसेवी संगठनों का कहना है कि इन सीवर ढक्कनों पर आईएसआई मार्का होने के बावजूद उनकी गुणवत्ता बेहद कमजोर है। या तो घटिया सामग्री से ढक्कन बनाए गए हैं या फिर निर्माण के दौरान मानकों की अनदेखी की गई है। संगठनों की मांग है कि इन ढक्कनों और रिंगों की आपूर्ति करने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली और निर्माण सामग्री की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। इस मुद्दे को लेकर शीर्ष स्तर पर आवाज बुलंद करने का निर्णय लोगों ने लिया है।
विज्ञापन

खस्ताहाल है सीवरेज व्यवस्था

कलायत नगर में वर्ष 2011 में सीवरेज प्रणाली शुरू की गई थी। 14 वर्ष बीत जाने के बाद भी सुधार कहीं नजर नहीं आ रहा। एसटीपी की क्षमता शहर के सीवरेज लोड का उठा नहीं पा रही जिसके कारण से अनेक गलियों में सीवरेज बैक मार रहे हैं और गंदा पानी गलियों में जमा हो रहा है। सीवरेज के ओवर फ्लो को रोकने और व्यवस्था को सुचारू करने के लिए वर्ष 2023 में कलायत एसटीपी से अमीन ड्रेन तक सिरसा ब्रांच के किनारे से भूमिगत पाइप बिछाने की 18 किलोमीटर की परियोजना की शुरूआत हुई थी। किन्हीं अपरिहार्य कारणों के चलते यह योजना अभी तक भी सिरे नहीं चढ़ पाई है। वार्ड 5, 6 व 7 में तो सीवरेज की स्थिति ऐसी है कि कुछ समय के पश्चात ही मशीनें मंगवा कर सीवरेज को खुलवाना पड़ता है।


समस्या का स्थायी समाधान करेंगे: एसडीओ

जन स्वास्थ्य विभाग एसडीओ नरेश कुमार ने बताया कि सीवरेज मेनहोल के ढक्कन एवं रिंगों के टूटने-धंसने का मामला संज्ञान में आया है। इसको लेकर विभाग हरकत में है, इस प्रकार की समस्या का स्थायी समाधान करने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। शहर में किसी प्रकार की असुविधा सीवरेज प्रणाली में नहीं रहने दी जाएगी।
विज्ञापन

29kht_27  कलायत में टूटे सीवरेज हॉल पर फसाई गई ईंटे व टाइल  संवाद 

29kht_27  कलायत में टूटे सीवरेज हॉल पर फसाई गई ईंटे व टाइल  संवाद 

29kht_27  कलायत में टूटे सीवरेज हॉल पर फसाई गई ईंटे व टाइल  संवाद 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें