शहर की पुरानी अनाज मंडी में पीआर धान की खरीद के लिए शुक्रवार को भी किसान व आढ़ती खरीदारों का इंतजार करते रहे। सुबह से लेकर शाम तक मंडी में कोई खरीदार नहीं पहुंचा। जिसके कारण धान की बिक्री नहीं हुई। किसानों की माने तो समय से धान की खरीदारी हो जाए तो अगले फसले की तैयारी में लगेे।
मंडी आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन श्याम बहादुर खुरानिया, देवेंद्र सिंह, गुलाब सिंह, संजीव व अशोक कुमार ने बताया कि वीरवार को मंडी में हड़ताल करने के बाद खरीद शुरू की गई थी लेकिन आज फिर मंडी में धान की ढेरियां लगी हैं। चेयरमैन ने बताया कि इस समय मंडी में करीब दो से ढाई हजार क्विंटल के बीच धान पहुंची हुई है। खरीद के लिए एजेंसियां या मिलर नहीं आने के कारण किसानों को इंतजार करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि धान की खरीद का कार्य जल्द से जल्द करवाया जाए, ताकि किसानों का यहां बैठकर बिक्री का इंतजार करने से छुटकारा मिल सके।
किसान बोले-10 से 15 प्रतिशत फसल ही मंडियों में बाकी: दूसरी ओर मंडी में फसल लेकर पहुंचे किसान कृष्ण कुमार, रघुवीर, खुशिया व बलवान ने कहा कि जिले में करीब 90 प्रतिशत धान की बिक्री किसान कर चुके हैं, लेकिन बची 10 से 15 प्रतिशत फसल को बेचने के लिए उन्हें कई-कई दिन इंतजार करना पड़ता है। पहले फसल को सुखाने की बात कही जाती है। फसल के सूखने के बाद भी न तो समय पर खरीद होती है और न ही सरकार द्वारा निर्धारित रेट मिल रहे हैं। किसानों ने कहा कि अगर वे इसी तरह से धान लेकर मंडियों में बैठे रहेंगे तो आगामी फसल की बिजाई में भी उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
खरीद लगातार जारी, समस्या हुई तो प्रमुखता से करवाएंगे समाधान: जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि मंडियों में धान की खरीद का कार्य लगातार जारी है। अगर फिर भी किसानों या आढ़तियों को किसी प्रकार की समस्या है तो उसका समाधान प्रमुखता से करवाया जाएगा। उनका प्रयास है कि मंडी में आते ही किसानों की फसल बिके, ताकि किसान दूसरी फसलों की तैयारियां कर सकें।
खरीद के संबंध में अधिकारियों को दिए जाएंगे निर्देश: डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने कहा कि धान की पूरी खरीद करवाई जाएगी। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। अगर खरीद को लेकर किसी प्रकार की समस्या है तो उसे तुरंत दूर करवाया जाएगा।