संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। लगातार बारिश से घग्गर नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए उपायुक्त प्रीति ने मंगलवार को गुहला-चीका क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए।
डीसी ने घग्गर पार के गांवों सिहाली, रत्ताखेड़ा, अरनौली, पपराला, मंझहेड़ी, मैगड़ा और बुड़नपुर का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सिंचाई विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ जैसी स्थिति में प्रभावित गांवों तक त्वरित सहायता पहुंचाने की कार्ययोजना बनाई जाए। सिहाली गांव में ग्रामीणों ने पंजाब क्षेत्र में घग्गर बंध की मरम्मत की मांग रखी, जिस पर डीसी ने एसडीएम को पटियाला प्रशासन से तालमेल कर समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
इससे पहले डीसी हांसी-बुटाना लिंक नहर के उस स्थान पर पहुंचीं, जहां 2023 में तटबंध टूटा था। वह अधिकारियों के साथ करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर मौके पर पहुंचीं और निर्देश दिए कि मिट्टी के कट्टे लगाकर समय रहते बंध को मजबूत किया जाए। इसके बाद उन्होंने विश्रामगृह गुहला में स्वास्थ्य, पशुपालन, सिंचाई, पुलिस, एसडीआरएफ, पंचायत और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। डीसी ने कहा कि सभी पटवारी और ग्राम सचिव गांवों में मौजूद रहें और हर सूचना तुरंत प्रशासन तक पहुंचाएं।
पशुपालन विभाग ने बताया कि 40 पोल्ट्री फार्मों में से 17 को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है और दवाइयों व मोबाइल वैन की व्यवस्था कर दी गई है। डीसी ने संवेदनशील क्षेत्रों में वीएलडीए की ड्यूटी लगाने और आपात स्थिति में दवाइयां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि गांवों में ठीकरी पहरा लगाया जाए और अफवाहों पर रोक लगाई जाए। बीडीपीओ को सरपंचों के साथ मिलकर 4–5 ग्रामीणों को पहरेदारी के लिए चिह्नित करने को कहा गया। जन स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और तहसीलदार-नायब तहसीलदार को पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय बनाने के निर्देश दिए गए। डीसी ने सिंचाई विभाग को हरियाणा-पंजाब सीमा के क्षेत्रों की निगरानी करने और नदी के संवेदनशील प्वाइंट पर पुलिस बल तैनात करने के आदेश दिए। उन्होंने एनडीआरएफ अधिकारियों से भी संभावित स्थिति को लेकर चर्चा की। इस मौके पर जिला राजस्व अधिकारी चंद्र मोहन, डीएसपी कुलदीप बैनिवाल, तहसीलदार कैथल रविंद्र हुड्डा, बीडीपीओ जगजीत सिंह, नायब तहसीलदार बंसी लाल, पशुपालन विभाग के उपनिदेशक सूर्या खटकड़ आदि मौजूद रहे।