पदक के साथ बीच में खड़े संजू कसान।
कैथल। रोहतक में आयोजित 19वीं हरियाणा स्टेट ग्रेपलिंग कुश्ती चैंपियनशिप-2026 में संजू कसान ने 58 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर प्रतिभा का लोहा मनवाया। संजू को खेल के दम पर सेना में नौकरी मिली है। इस उपलब्धि के पीछे उनकी वर्षों की मेहनत, नियमित अभ्यास और संघर्ष की कहानी है। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने कुश्ती के प्रति अपने जुनून को कम नहीं होने दिया और लगातार मेहनत कर इस मुकाम तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि कुश्ती की शुरुआत स्कूल गेम्स में 22 किलोग्राम भारवर्ग से की थी। गांव के पुराने खिलाड़ियों को देखकर उन्हें कुश्ती के प्रति प्रेरणा मिली। शुरुआती दौर से ही उन्होंने खेल को गंभीरता से लिया और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन परिवार और गांव के लोगों ने उनका हौसला बढ़ाया।
प्रतिदिन करते हैं चार से पांच घंटे अभ्यास
संजू के कुश्ती कोच उनके गांव के ही वीरभान हैं, जो वर्तमान में गांव के सरपंच प्रतिनिधि भी हैं। उनके मार्गदर्शन में संजू रोजाना सुबह-शाम अभ्यास करते हैं। कुश्ती में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए वह प्रतिदिन करीब चार घंटे पसीना बहाते हैं। संजू अपनी सफलता का श्रेय परिवार, गांव के लोगों और कोच को देते हैं।
कई प्रतियोगिताओं में दिखा चुके दमखम
संजू स्कूल गेम्स में राज्य स्तर पर भी खेल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने अखाड़ा प्रतियोगिताओं और ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी कुश्ती का दम दिखाया है। इन प्रतियोगिताओं में वह कई बार पदक जीत चुके हैं। सेना से जुड़ी खेल प्रतियोगिताओं में भी वह अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। उनका लक्ष्य कुश्ती में लगातार बेहतर प्रदर्शन करना और आगे की प्रतियोगिताओं में भी पदक जीतकर अपने गांव और प्रदेश का नाम रोशन करना है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद खेलों में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।
पदक के साथ बीच में खड़े संजू कसान।