गुहला-चीका। बुधवार को एसडीएम गुहला कैप्टन प्रमेश सिंह ने चीका नगरपालिका कार्यालय का निरीक्षण किया और नगर पालिका सचिव जितेंद्र शर्मा तथा जेई खुशी राम से शहर में कराए गए विकास कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। एसडीएम ने दोनों अधिकारियों से कई घंटे तक पूछताछ की और टेंडर संबंधी महत्वपूर्ण रिकार्ड अपने कब्जे में ले लिए।
गौरतलब है कि नगर पालिका में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोप लंबे समय से लगे हुए हैं। वार्ड नंबर 2 के पार्षद दलबीर सीड़ा और वार्ड नंबर 16 के पार्षद तरसेम गोयल ने इन मामलों की विजिलेंस में शिकायत की थी। इसके बाद 19 सितंबर को विजिलेंस की टीम ने नगरपालिका अधिकारियों से कई घंटे तक पूछताछ की और निर्माण सामग्री के सैंपल भी लिए।
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पार्षद दलबीर सीड़ा ने आरोप लगाया कि नगरपालिका के अधिकारियों ने चेयरपर्सन के साथ मिलीभगत कर बिना कार्य करवाए ठेकेदारों को करोड़ों रुपए का भुगतान किया। उन्होंने कहा कि घोटाले की परतें छुपाने के लिए चेयरपर्सन नपा का 35 ए रजिस्टर अपने पास रखे हुए हैं, जबकि यह रजिस्टर नगरपालिका की संपत्ति है और इसे कार्यालय में रखा जाना चाहिए। दलबीर सीड़ा ने कहा कि घोटालों के डर से चेयरपर्सन ने हाल ही में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली को अपने निवास पर बुलाया था, लेकिन उन्होंने भी नगरपालिका में हुए घोटाले की गूंज सुनी है।
पार्षद दलबीर ने यह भी स्पष्ट किया कि वे नगर पालिका में पिछले तीन सालों में विकास के नाम पर हुए प्रत्येक घोटाले की परतें खोलकर ही दम लेंगे। एसडीएम ने नगर पालिका सचिव को निर्देश दिए हैं कि वे शहर में करवाए गए विकास कार्यों से संबंधित सभी टेंडर रिकार्ड कार्यालय में उपलब्ध कराएं।