एसडीएम ने पढ़ाया ट्रैफिक नियमों का पाठ
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यातायात पुलिस भले ही लोगों को यातायात के नियमों की पालन करवाने में असफल रही है, लेकिन एसडीएम ने सोमवार को सड़कों पर उतर कर चालान किए और लोगों को नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया। विशेष रूप से किशोरावस्था में वाहन चला रहे बच्चों के अभिभावकों को सख्त हिदायतें दी गईं। एसडीएम ने जिला शिक्षा अधिकारी की गाड़ी सहित काडा के एसडीओ व उनके ड्राईवर सहित कुल 22 चालान किए। जिससे वाहन चालकों में हड़कंप मचा रहा। वहीं देर शाम एसडीएम ने ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों को भी यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
एसडीएम मनदीप कौर ने बाद दोपहर नए बस अड्डे के सामने, करनाल रोड बाईपास चौक सहित पिहोवा चौक पर वाहनों की जांच का अभियान चलाया। उन्होंने स्कूटी पर चलने वाली लड़कियों, अधिक स्पीड व सीमा से अधिक सवारियां भरकर सड़कों पर उतरे ऑटो तथा ट्रिपल सवारी दुपहिया वाहन चालकों के चालान काटे गए। आमतौर पर पुलिस को ही ऐसी अनियमितताएं पाए जाने पर चालान काटने की शक्तियां प्राप्त है लेकिन एसडीएम ने स्वयं इस अभियान की कमान संभालते हुए सभी को चौंका दिया। उन्होंने ग्यारहवीं-बारहवीं में पढ़ रहे उन बच्चों के चालान किए, जो हेलमेट का प्रयोग नहीं कर रहे थे। जितनी लड़कियों को रोका गया, उनमें से किसी के पास भी कागजात पूरे नहीं थे। इसी तरह जिला शिक्षा अधिकारी की गाड़ी के ड्राईवर ने सीट बेल्ट नहीं पहनी हुई थी। वहीं सिंचाई विभाग के काडा में एसडीओ के ड्राईवर के पास ड्राइविंग लाईसेंस नहीं मिला तो एसडीओ साहब बिना सीट बेल्ट के बैठे थे। एसडीएम ने तीनों का चालान कर दिया।
वहीं चालान काटने का जिम्मा बेशक ट्रैफिक पुलिस का हो। लेकिन एसडीएम द्वारा चालान काटना शहर में चर्चा का विषय बन गया। ट्रैफिक पुलिस की सुस्ती से शहर में लगातार मोटरसाइकिल चोरी बढ़ती जा रही हैं, लेकिन चालान काटते समय भी वाहनों के कागजात की गंभीरता से जांच नहीं की जाती।
वाहन चालक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। विशेष रूप से वे बच्चे हादसों को न्योता दे रहे हैं, जो बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाते हैं। आज कल एक-एक बच्चा है परिवारों में। ऐसे में बिना हेलमेट के वाहन चलाना हादसों को न्योता देने वाली बात है। इसलिए स्कूल कॉलेजों में भी जागरूकता अभियान चलाया गया है। अभिभावक भी इस ओर ध्यान दें। चालान काटने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।
मनदीप कौर, एसडीएम, कैथल।