गुहला-चीका। घग्गर नदी के ऊपर बने हांसी बुटाना नहर के साइफनों की सफाई करने वाले ठेकेदार पर मिट्टी घोटाला करने के आरोप लगे हैं। आरोपों के बाद शनिवार को एसडीएम गुहला कृष्ण कुमार ने मौके का निरीक्षण किया व संबंधित अधिकारियों को इमानदारी से काम पूरा करने के निर्देश दिए।
भारतीय किसान यूनियन के जिला उपप्रधान केवल सिंह सदरेहड़ी व किन्द्र सिंह ने एसडीएम गुहला कृष्ण कुमार को शिकायत की थी कि घग्गर पर साइफनों की सफाई कर रहा ठेकेदार नियमों को ताक पर रखकर मिट्टी को खुले बाजार में बेच रहा है, जबकि यह मिट्टी बाढ़ के मद्देनजर एक जगह एकत्रित की जानी है। किसान नेताओं ने कहा कि पिछले वर्ष आई बाढ़ के दौरान जब रिंग बांध टूट गया था तो प्रशासन को दूर दराज से मिट्टी का प्रबंध करना पड़ा था। मिट्टी आने में होने वाली देरी के चलते रिंग बांध के कटाव को नहीं रोका जा सका था। किसानों ने बताया कि ठेकेदार को साइफनों की सफाई का भुगतान किया जाता है और निविदा सूचना जारी करते समय शर्त रखी जाती है कि ठेकेदार मिट्टी को नहीं बेचेगा। इसके बावजूद ठेकेदार धड़ल्ले से मिट्टी को बेच रहा है। मिट्टी बेचने की सूचना मिलते ही एसडीएम कृष्ण कुमार ने मौके का मुआयना किया और अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता से काम पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि ठेकेदार ने मिट्टी बेचने का प्रयास किया तो ठेकेदार व अधिकारियों दोनों के खिलाफ कार्रवाही की जाएगी।
वर्जन
साइफनों की सफाई के लिए 23 लाख और 24 के दो टेंडर छोड़े गए हैं। कुछ जगहों से रिंग बांध व चैनल कमजोर हैं। ठेकेदार को इन बांधों व चैनल को मजबूत करने के लिए मिट्टी डालनी है। बाकी की मिट्टी बरसात के दौरान आने वाली बाढ़ के मद्देनजर रिजर्व रखी जाएगी। अगर ठेकेदार मिट्टी बेचने का प्रयास करता पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अजमेर सिंह, एसडीओ, नहरी विभाग गुहला चीका।