एसडीएम वीरेंद्र सिंह ढुल ने गांव बात्ता की पीएचसी का निरीक्षण किया व रिकॉर्ड की जांच की। उन्होंने कोविड-19 को लेकर अस्पताल में किए गए प्रबंधों व वैक्सीन की भी जांच की। उसके बाद अधिकारी ने होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों का हालचाल जाना। मरीजों व परिजनों ने मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कोविड से प्रभावित मरीजों व परिजनों से आग्रह किया कि वे अपने अपने घरों में ही रहें। यदि वे बाहर घूमते हैं तो सामुदायिक संक्रमण का खतरा बन जाएगा। जितने दिन के लिए चिकित्सकों ने घर में आइसोलेट किया है, उतने दिन पूरी ईमानदारी से अपने घर में ही बंद रहें व घर में रहने वाले सभी व्यक्ति अपने मुंह को मास्क से ढक कर रखें ताकि वे सुरक्षित रह सकें। अधिकारी ने कोरोना प्रभावितों से पूछा कि चिकित्सा विभाग से उन्हें दवाएं समय पर मिलती हैं या नहीं तो परिजनों ने मिलने वाली चिकित्सा सुविधा को संतोषजनक बताया। एसडीएम ने कहा कि गांव बात्ता के पीएचसी के अधीन आने वाले सभी छह गांवों में कोरोना की जांच नियमित तौर पर होनी चाहिए। चिकित्सा अधिकारी डॉ. आशीष गोयल ने बताया कि गांव बात्ता की पीएचसी के अंतर्गत बात्ता, नरवलगढ़, खरक पांडवा, ब्राह्मणीवाला, दुमाड़ा व कैलरम गांव आते हैं। इस मौके पर उनके साथ स्वास्थ्य निरीक्षक सतपाल राविश व एमपीएचडब्ल्यू सुरेश कुमार भी मौजूद रहे।