कैथल। प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) का गठन किया जाएगा। इसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद पंचकूला के राज्य परियोजना निदेशक डॉ. अंशज सिंह ने सभी जिलों को पत्र जारी कर दिया है। इसका गठन 17 से 22 जुलाई को किया जाएगा। इसके लिए मुनादी भी कराई जाएगी।
जिला परियोजना अधिकारी सुरेंद्र आर्य ने बताया कि इस बार एसएमसी गठन में एक विशेष बात यह है कि एक ही चहारदीवारी में चल रहे स्कूल चाहे वह मिडिल स्कूल हो, हाई स्कूल हो या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हो उसकी एक ही स्कूल प्रबंधन समिति बनेगी, जबकि प्राथमिक स्कूल की अलग स्कूल प्रबंधन समिति बनाई जाएगी। स्कूल प्रबंधन समिति की एक विशेषता यह रहेगी कि हरियाणा देश का ऐसा राज्य होगा, जहां एसएमसी गठन का डाटा ऑनलाइन किया जाएगा।
हरियाणा के सभी स्कूलों में अब नई स्कूल प्रबंधन कमेटी का गठन किया जाएगा। इसके लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद कंपोनेंट्स इंचार्ज मैडम सोनाली ने राज्यभर के सभी एपीसी की 27 जून को पंचकूला में बैठक ली थी। इसमें कैथल से एपीसी कुशल कुमार ने हिस्सा लिया था।
उन्होंने बताया कि बैठक में निर्देश दिए थे कि सांझी सभा 17 से 22 जुलाई के बीच में सभी स्कूलों में बनाई जाएगी। हर स्कूल में प्रबंधन समिति का 2 वर्ष में पुनर्गठन होना है। पिछली बार 16 जुलाई 2021 के पत्र अनुसार एसएमसी का गठन किया गया था। जुलाई में इनका कार्यकाल पूरा हो रहा है। अब स्कूलों में समितियों का पुनर्गठन 31 मार्च 2025 तक के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा नगर पालिका या पंचायत के निर्वाचित सदस्य एक, स्कूल के टीचर- दो व शिक्षा के क्षेत्र से सामाजिक कार्यकर्ता एक होगा। समिति का पदाधिकारी स्कूल के प्रधानाचार्य, मुख्य अध्यापक या सीनियर टीचर होगा। ब्लॉक रिसोर्स पर्सन ( बीआरपी) या असिस्टेंट ब्लॉक रिसोर्स कोर्डिनेटर (एबीआारसी) एक होगा।
उन्होंने बताया कि एसएमसी के गठन के लिए पूरे गांव में चौकीदार द्वारा मुनादी करवाई जाएगी ताकि एसएमसी की चयन प्रक्रिया में अधिक से अधिक अभिभावक हिस्सा लें सकें। इसके अलावा प्रधानाचार्य, मुख्य अध्यापक या वरिष्ठतम अध्यापक, स्कूल के प्रधानाचार्य या मुख्य अध्यापक नहीं है, वहां स्कूल का सीनियर टीचर प्रबंधन समिति का पदेन सदस्य होगा।
स्कूल के शिक्षकों में से दो सदस्य शिक्षकों द्वारा तय किए जाएंगे। नगर पालिका या ग्राम पंचायत के निर्वाचित सदस्य समिति का सदस्य होंगे। निर्वाचित सदस्य न होने पर उनका चुनाव होने के उपरांत सदस्य को शामिल किया जाएगा, तब तक पद रिक्त रहेगा। समाज सेवक एक सदस्य शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ा सामाजिक कार्यकर्ता होगा।
स्कूल प्रबंधन समिति में पदेन सदस्यों के अलावा सदस्य-
विद्यार्थियों की संख्या सदस्यों की संख्या अभिभावक
1 से 300 विद्यार्थी 12 सदस्य 08 अभिभावक
301 से 500 विद्यार्थी 16 सदस्य 12 अभिभावक
501 या इससे अधिक विद्यार्थी 20 सदस्य 16 अभिभावक