इंतजार में बैठे रहे 11वीं के परीक्षार्थी
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गांव जाखौली स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में वीरवार को 11वीं कक्षा की हिंदी विषय की परीक्षा करीब पांच घंटे देरी से आरंभ हुई। इसी गांव के कन्या स्कूल में परीक्षा सुबह आठ बजे ही समय से आरंभ हो गई थी, जिसका फायदा छात्रों को हुआ क्योंकि कई विद्यार्थियों ने कन्या स्कूल की छात्राओं से प्रश्न पत्र लेकर इसे पहले ही हल कर लिया था। परीक्षा देर से शुरू होने का कारण प्रिंसिपल द्वारा विभाग की ओर से शिक्षा में गुणवत्ता पर आधारित बैठक में भाग लेना बताया गया।
वीरवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी की ओर से पूरे प्रदेश में 11वीं की हिंदी विषय की परीक्षा ली गई। परीक्षा का समय सुबह 8 से 10 बजकर 30 मिनट तक का था। वहीं दूसरी ओर पंचायत भवन में सभी हाई व सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के मुखियाओं के लिए बैठक बुलाई गई थी। जिसमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाखौली की प्रिंसिपल भी पहुंची थीं। उनके पास उस अलमारी की चाबी थी जिसमें परीक्षा के लिए पहुंचे प्रश्न पत्र रखे गए थे। इधर विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए स्कूल पहुंच गए लेकिन प्रश्न पत्र न मिलने के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ा। स्कूल स्टाफ सदस्यों ने प्रिंसिपल से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। बच्चे करीब एक बजे तक भूखे प्यासे स्कूल में बैठे रहे। दूसरी ओर इसी गांव में साथ लगते कन्या स्कूल की परीक्षा सुबह 8 बजे शुरू हुई और 10 बजे समय पर खत्म भी हो गई। विद्यार्थियों ने इस परीक्षा में दिए गए प्रश्न पत्र को देखकर उसे हल भी कर लिया। एक बजे के बाद स्कूल की प्रिंसिपल पहुंची और तब कहीं जाकर परीक्षा आरंभ हो सकी। बताया जा रहा है कि स्टाफ सदस्यों ने भी इस मामले में काफी रोष प्रकट किया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्रिंसिपल बिमला ने कहा कि उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से पता चला कि 9वीं की परीक्षा के साथ-साथ 11वीं की परीक्षा भी रद्द हो गई है। मैंने समझा कि आज होने वाली परीक्षा ही रद्द हो गई। लेकिन परीक्षा केवल 9वीं की रद्द हुई थी। जिसके कारण परीक्षा में देरी हुई है। विद्यार्थियों ने किसी प्रकार की नकल नहीं की है। वहां पर अध्यापक थे और बच्चों को कक्षाओं में बैठाया हुआ है।
डीईओ निर्मल तनेजा ने कहा कि एडीसी ने स्कूलों के मुखियाओं की बैठक बुलाई थी। स्कूल की प्रिंसिपल बिमला भी इस बैठक में मौजूद थीं। यहां से जाने के बाद उन्होंने परीक्षा शुरू करवाई। इसी वजह से परीक्षा लेट हुई।
डिप्टी डीईओ शमशेर सिरोही ने कहा कि कैथल में बैठक की वजह से देरी हुई है। नकल जैसी कोई संभावनाएं नहीं है।
वहीं एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह ने कहा कि अगर प्रिंसिपल को बैठक में आना था तो उन्हें चाहिए था कि वे सेकेंड इंचार्ज को कार्य सौंपकर आते। परीक्षा देरी से हुई है तो यह गलत है।