निजी स्कूलों में अभी से हो रही अभिभावकों से पुस्तकों सहित विभिन्न माध्यमों से वसूली की तैयारियों पर अमर उजाला के खुलासे का असर हुआ है। एसडीएम ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि निजी स्कूलों में हो रहे इस खेल को रोका जाए। एसडीएम के आदेशों पर डीईओ ने सभी जिले में स्थित सभी निजी स्कूल संचालकों के मुखियाओं को पत्र जारी करके निर्देश जारी किए हैं। जिसमें कहा गया है कि यदि किसी स्कूल संचालक के खिलाफ जबरन किसी पुस्तक विक्रेता से पुस्तकें खरीदवाने की शिकायत मिलीं तो उसके खिलाफ जांच उपरांत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अमर उजाला ने उठाया था मामला
अमर उजाला द्वारा गत 24 जनवरी को इस संबंध में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया गया था। जिसमें अभी से स्कूल संचालकों के साथ प्रकाशकों की साठ-गांठ के मामले को उठाया गया था। कई पुस्तक विक्रेताओं की इस संबंध में शिकायत थी कि वे स्कूल संचालक सीधे प्रकाशकों के साथ साठ-गांठ कर रहे हैं। बाद में मामूली कमीशन पर पुस्तक विक्रेताओं को उन प्रकाशकों की पुस्तकें बेचने के लिए बाध्य करते हैं। वहीं अभिभावकों से एक ही पुस्तक विक्रेता से पुस्तकें खरीदवाते हैं।
एसडीएम मनदीप कौर ने लिया संज्ञान
एसडीएम मनदीप कौर ने इस मामले में कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने डीईओ को पत्र लिखकर इस संबंध में निर्देश जारी किए। उन्होंने डीईओ को आदेश जारी किए कि इस तरह की गतिविधियों को रोकें।
ये जारी किए आदेश
प्रशासन द्वारा जिले के विभिन्न निजी स्कूलों में दाखिलों के समय अभिभावकों को विभिन्न कक्षाओं के लिए बच्चों की पुस्तकें तथा ड्रेस निर्धारित फर्मों से खरीदने के लिए मजबूर करने वाले स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों की पुस्तकें व ड्रेस किसी भी फर्म से खरीदने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है। कोई भी निजी विद्यालय प्रबंधन अभिभावकों को पुस्तकें व ड्रेस किसी निर्धारित फर्म से खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकता है। यदि कोई प्राइवेट स्कूल प्रबंधन निर्धारित बुक सेलर व ड्रेस किसी निर्धारित दुकान से खरीदने के लिए अभिभावकों को बाध्य करता है, तो प्रशासन द्वारा ऐसे स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने जारी किया अपना मोबाइल नंबर
एसडीएम मनदीप कौर ने कहा कि यदि किसी अभिभावक को इस संबंध में काई शिकायत है, तो वे संबंधित स्कूल के बारे में प्रमाण सहित उनके मोबाइल नंबर 098887-11122 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों से भी अनुरोध किया है कि वे किसी भी अभिभावक को पुस्तक व ड्रेस किसी निर्धारित फर्म से खरीदने के लिए मजबूर न करें।
डीईओ निर्मल तनेजा ने कहा कि एसडीएम के निर्देश पर सभी स्कूल संचालकों को निर्देश जारी किए गए हैं कि यदि किसी अभिभावक की शिकायत मिलती है कि उन्होंने एक ही पुस्तक विक्रेता से पुस्तकें खरीदने के लिए मजबूर किया है। तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।