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Panipat : देश की मजबूती के लिए संघ ने दिया स्वदेशी, स्वाधीनता और स्वावलंबन का मंत्र

Mon, 13 Mar 2023 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, पानीपत

सार

समालखा के गांव पट्टीकल्याणा स्थित सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र में रविवार को शुरू हुई बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सामाजिक समरसता और सर्व-धर्म के प्रस्ताव शामिल किए गए।
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बैठक में संघ कार्यकर्ता... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा ने आजादी के अमृत काल में देश को विश्वगुरु बनाने पर जोर दिया है। इसके लिए स्व की नीति के तहत स्वाधीनता, स्वदेशी और स्वावलंबन से देश को मजबूत बनाने की तैयारी है।

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समालखा के गांव पट्टीकल्याणा स्थित सेवा साधना एवं ग्राम विकास केंद्र में रविवार को शुरू हुई बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सामाजिक समरसता और सर्व-धर्म के प्रस्ताव शामिल किए गए। इससे पहले सरसंघचालक डा. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले ने पहले दिन प्रस्तावों पर चर्चा शुरू की। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और महासचिव बीएल संतोष मुख्य रूप से पहुंचे। बैठक को 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक के संबंध में सह सरकार्यवाह डा. मनमोहन वैद्य ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि स्वाधीनता, स्वदेशी और स्वावलंबन को देखते हुए विकास की नीति बनाई जाएगी। इसमें समाज का सहयोग बढ़ाया जाना जरूरी है। इसके लिए समाज में जागरूकता पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह भगवान महावीर निर्वाण का 2550 महोत्सव वर्ष, आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती के जन्म के 200 वर्ष और शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के 350 वर्ष पूर्ण होने का साल है। इन तीनों के संदर्भ में भी प्रतिनिधि सभा में वक्तव्य पारित किए जाएंगे। साथ ही संघ के शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर चर्चा की जाएगी।
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महिलाओं की भागीदारी बढ़ाएगा संघ
सह सरकार्यवाह डा. मनमोहन वैद्य ने एक सवाल का जवाब में बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ महिलाओं की भागीदारी बढ़ाएगा। इसके लिए महिलाओं को शाखाओं में भी शामिल किया जाएगा। इससे पहले दुर्गा वाहिनी व अन्य संगठनों में महिलाओं को शामिल किया जाता रहा है। शाखाओं में महिलाओं को शामिल करने के विषय पर उच्च स्तर पर विचार विमर्श चल रहा है। इस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा।

2020 की तुलना में शाखा बढ़ी
वर्ष 2020 में पिछले वर्षों की अपेक्षा आरएसएस की शाखाओं में वृद्धि हुई है। इस वर्ष शताब्दी कार्यक्रम चलाया जाएगा। 2025 तक शाखाओं की संख्या एक लाख तक की जाएगी। इसमें प्राथमिक शिक्षा से शाखा लगानी शुरू की जाती हैं। संघ ने देश को 911 जिलों में बांट रखा है। इनमें से 901 जिलों में शाखा का कार्य 90 प्रतिशत हो रहा है। शताब्दी वर्ष शुरू होने के बाद संघ के 1300 विस्तारक गांवों में प्रवास पर हैं। संघ जल्द ही 15 सौ और विस्तारकों को रवाना करेगा।

युवाओं में बढ़ रहा संघ के प्रति आकर्षण, वेबसाइट बन रही माध्यम
बैठक में बताया गया कि संघ तक लोगों के जुड़ाव का बड़ा माध्यम संघ की वेबसाइट है। लोग संघ की वेबसाइट को सर्च करते हैं और यहां पर संघ से जुड़ने के लिए आवेदन करते हैं। 2017 से 2022 तक 7.25 लाख लोगों के आवेदन मिले हैं। इनमें से 20 से 35 वर्ष आयु वर्ग के अधिक हैं। इसके अलावा संघ के कार्यों पर आरोप लगने पर सच्चाई जानने के लिए भी लोग वेबसाइट का सहारा लेते हैं।

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