संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के माता गेट स्थित सूर्यकुंड डेरे में शुक्रवार को जिलेभर के संतों ने बैठक की। इसका उद्देश्य संत समाज के कर्तव्य निर्वहन पर चर्चा करना रहा। इसके साथ ही सूर्यकुंड डेरे के महंत रमनपुरी महाराज ने बताया कि जिले में कुछ भूमाफिया की ओर से डेरे और मंदिरों में कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। इसके विरोध में ही संत समाज एकत्रित हुआ है।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि कई मामलों में साधु समाज पिछड़ा हुआ है। इस कारण आमजन में संतों के खिलाफ गलतफहमियां होती है। इन्हें दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है। सूर्यकुंड डेरे के महंत रमनपुरी महाराज ने बताया कि आमजन में साधुओं के प्रति द्वेषपूर्ण भावनाओं को बदलने के लिए अब संत समाज ने एक योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि अक्सर देखने को मिलता है कि कई बार एक संत के कारण दूसरे संतों को गलत कहा
जाता है। इस आचरण को बदलने के लिए संत समाज कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि प्राचीन गुरु शिष्यों की परंपराओं का निर्वहन करना ही उद्देश्य है। संत समाज एकजुट होकर धर्म और समाज विरोध के खिलाफ आवाज उठाने का काम करेंगे। प्रशासन से संत समाज सहयोग की मांग करता है कि केडीबी के अधीन आने वाले सभी तीर्थों का जीर्णोद्धार करवाने के लिए प्रयास किया जाएगा। बैठक में फैसला लिया गया है कि अब जिले के संत समाज की आगामी बैठक एक अगस्त को की जाएगी। इस बैठक में वे सभी संत शामिल होंगे, जाे पहली बैठक में शामिल नहीं हो पाए। पूरा संत समाज हीन भावनाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ने का काम करेगा।
उन्होंने कहा कि मान्यता है कि संत आता है तो संस्कृति सुधरती है। इसी कहावत को चरिथार्त्र करने का हमेशा प्रयास रहेगा। इस मौके पर श्री महंत रुद्रपुरी, निरंजन पुरी, शिवपुरी पाई, आदेश पुरी, नरेश पुरी, त्रिवेणी दास, ईश्वर दास, चेतन पुरी, गौरव पुरी, सूर्य पूरी, सक्षम पुरी, गंगा पुरी, रामेश्वर पुरी, सुनील दास, स्नेह दास, ताम्य दास, शंभू नाथ आदि मौजूद रहे।