कैथल। भंडारे के लिए ले जाई जा रही लकड़ियों से भरी ट्राली को जब्त करने और चार साधुओं को अवैध हिरासत में लेकर मारपीट करने का आरोप लगाते हुए संतों ने शनिवार दोपहर को नए बस अड्डे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक लगे जाम के कारण लोगों को भीषण गर्मी के मौसम में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। थाना सिविल लाइन प्रभारी ने दोनों पक्षों की बात सुनकर मामले को निपटाया। वन विभाग का कहना था कि लकड़ी चोरी की गई है।
जानकारी के अनुसार, गांव कक्योर माजरा से साधू एक ट्राली में लकड़ियां लेकर बाबा लदाना स्थित डेरा बाबा राजपुरी में ले जा रहे थे। इसी बीच गांव नंदसिंह खेड़ा के पास वन विभाग के अधिकारियों ने ट्रैक्टर ट्राली को अपने कब्जे में ले लिया, जिससे गुस्साए संत करनाल रोड स्थित हनुमान वाटिका पहुंचे। यहां उन्होंने उनके साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया।
जाम की सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइन प्रभारी विक्रमजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने साधु -संतों एवं वन विभाग के अधिकारियों से बातचीत कर मामले का समाधान निकाला। समाचार लिखे जाने तक पुलिस एवं वन विभाग के अधिकारी साधुओं के साथ सिविल लाइन थाना में बातचीत कर रहे थे। वहीं काफी संख्या में साधु हनुमान वाटिका में डेरा जमाए थे।
लकड़ियां भंडारे के लिए ले जा रहे थे : महंत
उधर, थाना सिविल लाइन में डेरा बाबा राजपुरी के महंत दूजपूरी महाराज ने कहा कि इन लकड़ियों को गांव कक्योर माजरा से भंडारा के लिए लाया जा रहा था। जहां लेकिन वन विभाग के अधिकारियों ने तीन जगह रोक कर ट्रैक्टर कब्जे में लेने का प्रयास किया। इसके बाद गांव नंदसिंह खेड़ा के निकट ट्रैक्टर को अधिकारियों ने ट्राली सहित कब्जे में लेकर साधु गोपालगिरी, राहुलपुरी, रामपुरी एवं साधवी रमापुरी के साथ हाथापाई की।
लकड़ी चोरी की सूचना मिली है : पुलिस
इस संबंध में जिला वन अधिकारी रामकुमार का कहना है कि लकड़ी चोरी की सूचना पर ही कार्रवाई की गई है। धार्मिक मामला होने के कारण बातचीत की जा रही है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।