कैथल। अनुशासनहीनता के आरोपों के आधार पर सेवा से बर्खास्त किए गए हेड कांस्टेबल सुनील संधु ने अब सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट में उन्होंने अपने समर्थन में खड़े लोगों का आभार जताते हुए भविष्य में कानूनी लड़ाई लड़ने का संकेत दिया है। गौरतलब है कि बीते दिन कैथल की एसपी उपासना द्वारा विभागीय कार्रवाई करते हुए सुनील संधू को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया था। कार्रवाई के बाद अब संधू ने एक फेसबुक पर लंबा संदेश लिखा है जिसमें उन्होंने इस कठिन समय में साथ देने वाले छत्तीस बिरादरी, बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं का आभार व्यक्त किया, साथ ही उन्होंने दावा किया कि कुछ असामाजिक तत्व जाति और भाईचारे का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की।
पोस्ट में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार नहीं हैं। स्वस्थ होने के बाद वे कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की लड़ाई लड़ेंगे। जिन आधारों पर उन्हें बर्खास्त किया गया है, उनका तथ्यों सहित जवाब देने की बात भी उन्होंने कही।
युवा क्रांतिकारी संगठन ने की प्रेसवार्ता
कैथल। बर्खास्त हो चुके हेड कांस्टेबल सुनील संधू के मामले को लेकर युवा क्रांतिकारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुरदीप ढांडा ने प्रेसवार्ता की है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट मीडिया के कारण यह सब हुआ है। एक सप्ताह के बाद सुनील के पक्ष में कोई आगे नहीं आएगा। अब सुनील इस मामले को लेकर अपील में जाएगा और अगर दोबारा से इंटरनेट मीडिया में कुछ गलत आ गया तो उसकी नौकरी बहाल नहीं होगी। सुनील ने डीएसपी पर आरोप लगाए थे। वह एक सबूत दे दो तो देखना संगठन क्या करता है। उससे मिलने के लिए गए थे और सुझाव भी देकर आए थे। सोशल मीडिया के कारण वह बर्खास्त हुआ है। पुलिस की नौकरी ऐसी है कि गलती हो जाए तो उसे मान लेना चाहिए। संगठन पहले भी सुनील के साथ था और आगे भी रहेगा।
मुख्य सिपाही सुनील संधू के समर्थन में आए सांसद रणदीप सुरजेवाला
राज्यसभा सांसद एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने बर्खास्त पुलिसकर्मी सुनील संधू के समर्थन में सोशल मीडिया पर खुलकर पक्ष रखा है। उन्होंने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि सुनील संधू न केवल एक जिम्मेदार पुलिसकर्मी रहे हैं, बल्कि ‘नशा मुक्त हरियाणा’ सहित अन्य सामाजिक अभियानों में भी लगातार सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। सुरजेवाला ने अपने पोस्ट में लिखा कि बिना किसी जांच के सुनील संधू को बर्खास्त करना सरासर अन्यायपूर्ण है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह कदम दर्शाता है कि हरियाणा में अब नौकरी के साथ सामाजिक भागीदारी के लिए भी कोई स्थान नहीं छोड़ा जा रहा। उन्होंने सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करने और निष्पक्ष जांच की मांग की है।