पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : पुलिस लाइन में पुलिस कर्मियों की दौड़ लगवाते एएसपी।
पाई। गुलियाना गांव के ग्रामीण सरकार की अनदेखी के कारण पेयजल की गंभीर समस्या से ग्रस्त हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव की टोंटी में पेयजल नहीं बल्कि जहर आ रहा है जिससे ग्रामीण व पशु बीमार हो रहे हैं। इसी समस्या के लिए ग्रामीण महिलाओं ने सरकार व जिला प्रशासन के विरोध में प्रदर्शन भी किया और समस्या से छुटकारा दिलवाने की मांग की है।
ग्रामीण महिला प्रेमो, कृष्णा, भतेरी, संतोष और राजबाला आदि ने बताया कि उनके गांव में पीने के पानी की गंभीर समस्या है। गांव मेें तीन बड़े नलकूप हैं जिसमें से चालू हालत में दो नलकूप हैं। इनमें से एक नलकूप का पानी कुछ ठीक है, जबकि दूसरे नलकूप का पानी बिल्कुल खारा है और उसके पानी में रेता व मिट्टी आती है।
उन्होंने बताया कि यह समस्या कोई नई नहीं है। इस समस्या के लिए ग्रामीण चंड़ीगढ़ व कैथल सहित अधिकारियों आदि के चक्कर काट चुके हैं। उन्होंने बताया कि आधे गांव के ग्रामीणों को पीने के पानी लाने के लिए गांव के दूसरी ओर और खेतों में चक्कर काटने पड़ रहे हैं। महिलाओं के सिर पर मटका रखा रहता है।
उन्होंने कहा कि खराब पानी के कारण बच्चे, बुजुर्ग और पशु बीमार रहते हैं। इस कारण से ग्रामीण पानी को छानकर बर्तन साफ करने आदि के काम में ले रहे हैं। घरों के अंदर पानी छानने के कारण रेते का ढेर लग चुका है। उन्होंने बताया कि गांव में काफी पहले तीसरा बोर भी लगवाया गया था, परंतु उस पर ट्रांसफार्मर होने के बाद भी मोटर नहीं ड़ाली गई।
ग्रामीणों ने सरकार व जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया गया तो ग्रामीण कैथल जींद मार्ग पर अनिश्चितकालीन जाम भी लग देंगे।
पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन करते ग्रामीण।- फोटो : पुलिस लाइन में पुलिस कर्मियों की दौड़ लगवाते एएसपी।