संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। डोगरा गेट स्थित नीम साहिब गुरुद्वारा में शनिवार को अकाली दल बादल हरियाणा इकाई की बैठक हुई। इसमें सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से हाल ही में लिए गए फैसलों की आलोचना की गई। इस मौके पर अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार रघबीर सिंह, आनंदपुर साहिब के जत्थेदार सुल्तान सिंह और पूर्व जत्थेदार स. हरप्रीत सिंह को हटाने का निर्णय तानाशाही भरा और तुगलकी फरमान बताया।
इस फैसले के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए आरोप लगाया कि शिरोमणि अकाली दल अब एक परिवार की निजी संपत्ति बनकर रह गया है। ऐसे में विरोध स्वरूप अकाली दल हरियाणा के पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया। इस्तीफा देने वालों में शिरोमणि अकाली दल हरियाणा के प्रधान शरणजीत सिंह सौथा, पीएसी सदस्य व प्रधान महासचिव सुखबीर सिंह मांडी, वरिष्ठ उप-प्रधान पिरथीपाल सिंह झब्बर, युवा अकाली दल हरियाणा के प्रधान कुलदीप सिंह चीम, जींद जिले के महासचिव मालक सिंह चीमा, कैथल जिले के प्रधान भूपिंद्र सिंह व महासचिव प्रीतम सिंह, प्रदेश के महासचिव गुरमीत सिंह पुनियां, जिला कैथल के महासचिव सुच्चा सिंह कम्हेड़ी शामिल रहे।
इस्तीफा देने के बाद प्रधान शरणजीत सिंह सौथा व पीएसी सदस्य व प्रधान महासचिव सुखबीर सिंह मांडी ने कहा कि वे अकाली विचारधारा के प्रति समर्पित हैं, लेकिन गलत फैसलों के साथ नहीं चल सकते। बैठक में एसजीपीसी के फैसले के खिलाफ आवाज बुलंद करने और सिख संगत की भावनाओं के अनुरूप आगे की रणनीति तय करने का संकल्प लिया गया। नेताओं ने कहा कि यह लड़ाई सिख सिद्धांतों और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जारी रहेगी।
इस बैठक की अध्यक्षता शरणजीत सिंह सौथा ने की। इस बैठक में नरबैर सिंह गोराया, सिकंदर सिंह जींद, एडवोकेट मनिंदर सिंह, गुरमहिंद्र सिंह गोराया (सरपंच), बलराज सिंह पोलड, अमरजीत सिंह फिरोजपुर, सुरजीत सिंह रामदासपुरा, अवतार सिंह सौथा, जसबीर सिंह सैर, परमजीत सिंह रामदासपुरा और सुखविंदर सिंह (पूर्व सरपंच, रामदासपुरा) आदि मौजूद रहे।