कैथल। जिले के कई निजी स्कूलों में आरटीई के धारा 134ए के तहत आवेदन करने वाले बच्चों को अभी तक दाखिला नहीं मिल पाया है।
शिक्षा सत्र शुरू होने में महज एक दिन का समय बचा है, लेकिन फिर भी बच्चे को दाखिला न मिलना चिंता का विषय है। शिक्षा विभाग भी इन स्कूलों के सामने बौना नजर आ रहा है। हालांकि कई स्कूलों ने बच्चों को इस नियम के तहत दाखिला दे दिया है, अभी भी शहर के नामी स्कूल ऐसे हैं, जो इस बारे में न तो जानकारी ही दे रहे हैं और न ही बच्चों को दाखिला।
शिक्षा विभाग के अधिकारी जानकारी होने के बाद भी चुप्पी साधे हुए हैं। शिक्षा सत्र शुरू होने को है। लेकिन दाखिले को लेकर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण इसके तहत आवेदन करने वाले अभिभावक भटक रहे हैं।
नियमों की अवहेलना कर रहे हैं स्कूल
शिक्षा विभाग के अनुसार 134ए के तहत सभी स्कूलों को अपने कुल बच्चों की संख्या के तहत 10 प्रतिशत सीटें आरटीई के तहत आरक्षित हैं। वहीं, जिले के स्कूलों ने शिक्षा विभाग की साइट पर बच्चों के अनुपात के अनुसार सीटें नहीं दिखाई हैं। निजी स्कूल संचालक एक ओर जहां अभिभावकों की अनसुनी कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर स्कूल के गलत आंकड़े देकर शिक्षा विभाग को भी ठेंगा दिखा रहे हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारी सब देखकर भी अंजान बने हुए हैं।-शिक्षा विभाग अधिकारियों ने जिले भर से आए 134ए के आंकड़ों के बारे में संज्ञान होते हुए भी चुप्पी साधी हुई है। विभाग के अधिकारी भी शिक्षा विभाग के आदेशों की प्रतीक्षा कर रहे है।
134ए के तहत दिखाई गई सीटें
1. ओएसडीएवी स्कूल 14 सीट
2. एमडीएन पब्लिक स्कूल 76 सीट
3. लिटिल फ्लावर स्कूल 77 सीट
4. इंदिरा गांधी पब्लिक स्कूल 73 सीट
5. हैरिटेज इंटरनेशन स्कूल 108 सीट
6. आरकेएसडी स्कूल 121 सीट।
(आंकड़े शिक्षा विभाग की साइट से मिली जानकारी के आधार पर)।
शिक्षा अधिकारी कार्यालय का होगा घेराव
जिन अभिभावकों ने 134ए के तहत आवेदन किया है। अभिभावक विद्यार्थियों के दाखिले के लिए शिक्षा विभाग के आदेशों को इंतजार कर रहे है। शिक्षा का सत्र शुरू होने के केवल एक दिन शेष है ओर शिक्षा विभाग के पास निजी स्कूलों में दाखिला करवाने के लिए कोई आदेश अभी तक नहीं आए हैं।
उधर, निजी स्कूलों में 134ए के तहत दाखिला दिलवाने के लिए संघर्ष कर रहे रामदिया चावरिया ने कहा कि यदि तय समय सीमा में बच्चों का दाखिला नहीं किया गया तो शिक्षा अधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। 1600 से ज्यादा बच्चों का आवेदन उन्होंने स्वयं करवाया है।
शिक्षा विभाग आदेश देगा तो जांच होगी
इस संदर्भ में उप-जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही ने बताया कि जिन स्कूलों ने ऑनलाइन सीटों को ब्यौरा दिया है वह विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार कम है। 134ए के तहत 10 प्रतिशत विद्यार्थियों को दाखिला देना है। अगर कोई स्कूल हुडा की जमीन पर है तो उस स्कूलों को 20 प्रतिशत दाखिला देना अनिवार्य है। शिक्षा विभाग को सीटों के बारे में गलत जानकारी देने संबंधी जो विभाग आदेश करेगा उसी अनुसार कार्रवाई होगी। शिक्षा विभाग आदेश करता है तो जांच भी होगी।