कैथल। नगर परिषद की हाउस की बैठक में सोमवार को वर्ष 2023-24 के लिए वार्षिक बजट पारित किया। पार्षदों ने अध्यक्ष सुरभि गर्ग की अध्यक्षता में हुई बैठक में चालू वित्त वर्ष के लिए 66 करोड़ 29 लाख 76 हजार रुपये का बजट पास किया। इसमें विकास कार्यों के मद में लगभग 11 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया है। कुल खर्च 65 करोड़ 40 लाख रुपये का अनुमान है।
बैठक शुरू होते ही लेखाकार साहब राम ने लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले साल नगर परिषद को टैक्स मद में चार करोड़ 26 लाख की आय हुई। इस साल लगभग छह करोड़ रुपये की आय का अनुमान रखा है। स्टांप ड्यूटी से पिछले साल पांच करोड़ 76 लाख की आय हुई थी। इस बार सात करोड़ की आय का अनुमान लगाया है। किराया शाखा में पिछले साल दो करोड़ 40 लाख के अनुमान के मुकाबले तीन करोड़ 39 लाख की आय हुई। इस साल इस मद में दो करोड़ 60 लाख की आय का अनुमान लगाया है।
बिक्री व बोली मद में नगर परिषद को पांच करोड़ के मुकाबले दो करोड़ 66 लाख की आय हुई, इस बार करीब पांच करोड़ का अनुमान लगाया है। विभिन्न प्रकार के जुर्माना मद में छह करोड़ 50 लाख के अनुमान के मुकाबले पिछले साल चार करोड़ 39 लाख आय हुई। इस बाद चार करोड़ 60 लाख का अनुमान लगाया है।
विभिन्न प्रकार की फीस मद में पिछले साल 77 लाख के अनुमान के मुकाबले 28 लाख की आय हुई। अबकी इस मद में 70 लाख 40 हजार रुपये का अनुमान है। अन्य मदों में दो करोड़ 25 लाख के मुकाबले पिछली बार 66 लाख की आय हुई। इस बार इस मद में 35 लाख रुपये की आय का अनुमान लगाा गया है। सरकार की ग्रांट सहित कुल आय का 66 करोड़ 29 लाख का अनुमान है। पिछले साल यह अनुमान 60 करोड़ था। इसमें से परिषद को 58 करोड़ 31 लाख रुपये की आय हुई थी। खर्च मद में वेतन व अन्य खर्च में पिछली बार 25 करोड़ 46 लाख का अनुमान था। इसमें से 20 करोड़ 77 लाख रुपये खर्च हुए। इस बार इस मद के लिए 28 करोड़ 25 लाख रुपये का बजट रखा है।
इसी प्रकार प्रशासनिक कार्यों के लिए पिछली बार एक करोड़ 95 लाख के मुकाबले एक करोड़ 50 लाख खर्च हुए। इस बार दो करोड़ 93 हजार रुपये खर्च का अनुमान लगाया है। सेनिटेशन एवं सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट मद में पिछले साल सात करोड़ 67 लाख के मुकाबले छह करोड़ 97 लाख रुपये खर्च आया। इस बार इस मद में एक करोड़ 12 करोड़ 77 लाख रुपये के खर्च का अनुमान रखा है। खुद के स्रोत से खर्च मद में पांच करोड़ 76 लाख के अनुमान के मुकाबले पिछले साल तीन करोड़ 16 लाख खर्च हुआ। इस बार इस मद में दस करोड़ 22 लाख रुपये का प्रावधान रखा है। इसी प्रकार से विकास कार्यों को छोड़कर अन्य खर्च में 50 लाख के अनुमान के मुकाबले पिछले साल 47 लाख रुपये खर्च आया। इस बार इस मद में 57 लाख रुपये के खर्च का अनुमान रखा है।
विकास कार्यों में 15 करोड़ के मुकाबले पिछले साल नौ करोड़ 13 लाख रुपये खर्च हुए। इस बार इस मद में लगभग 11 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया है। इस तरह से पिछले साल हुए वास्तविक खर्च 42 करोड़ 43 लाख रुपये के मुकाबले इस बार नगर परिषद ने 65 करोड़ 40 लाख रुपये के खर्च का अनुमान निर्धारित किया है।
नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग ने कहा कि शहर के बजट के लिए बैठक बुलाई थी। इसमें सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से बजट को पास कर दिया है। कुछ पार्षदों ने वार्डों की समस्याएं बताई हैं। उन्हें दूर किया जाएगा। नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी कुलदीप सिंह ने कहा कि इस बार प्रयास किया है कि वास्तविक बजट प्रस्तुत किया जाए। इसी कारण प्रत्येक मद में काफी विचार-विमर्श कर खर्च का अनुमान लगाया है।