संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पुरानी पेंशन बहाली के लिए रोडवेज कर्मचारियों ने एक बार फिर मोर्चा खोल दिया है। इसके लिए कर्मचारियों ने 11 फरवरी को जींद में प्रदर्शन की योजना बनाई है। छह फरवरी से कर्मचारियों ने चंडीगढ़ डिपो से पैदल यात्रा शुरू की है।
शुक्रवार दोपहर को समिति के राज्य महासचिव जसमेर पुनिया, संदीप पहल, रामकरण, अशोक व सुनील थुआ की अगुवाई में यात्रा कैथल डिपो में पहुंची है। समिति के कैथल जिला प्रधान सुरेंद्र माजरा, रोडवेज सांझा मोर्चा के डिपो प्रधान महावीर संधू, प्रवीन क्योड़क ने यात्रा का फूल मालाओं से स्वागत किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने का आश्वासन दिया।
राज्य महासचिव जसमेर पुनिया ने कहा कि समिति ने कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन योजना को लेकर पैदल यात्रा शुरू की है। जो कि प्रदेश भर के डिपो में जाकर कर्मचारियों को प्रदर्शन के लिए न्योता दे रही है। उन्होंने कहा कि 11 फरवरी को जींद में विशाल प्रदर्शन होगा। इसमें हजारों कर्मचारी हिस्सा लेंगे। अगर सरकार कर्मचारियों की मांगों को नहीं मानेगी तो वे आने वाले लोक सभा और विधान सभा चुनावों में इसका जवाब देंगे।
ये हैं मुख्य मांगें
नई पेंशन नीति को बंद करके पुरानी पेंशन नीति को लागू किया जाए। लंबे समय से लंबित लिपिकों-टिकट वेरिफायर की पदोन्नति की जाए। डिपो स्तर पर कार्यालय में सांख्यिकी सहायक ,सहायक लेखाकार, जूनियर ऑडिटर के पदों से कार्यालय अधीक्षक के पद पर पदोन्नति का अनुभव 12 वर्ष के बजाय पांच वर्ष किया जाए। ट्रांसपोर्ट नियम 1995 में संशोधन करके मुख्यालय व क्षेत्रीय डिपो में कार्यरत लिपिकों की वरिष्ठता एक की जाए। विभाग के बेड़े में बढ़ती आबादी अनुसार 10 हजार सरकारी बसों को शामिल किया जाए। ऑनलाइन तबादला पॉलिसी में संशोधन किया जाए। 1992 से 2003 के मध्य लगे सभी कर्मचारियों को नियुक्ति तारीख से पक्का किया जाए। हरियाणा रोजगार कौशल निगम को भंग किया जाए। सभी प्रकार के रिक्त पदों पर पक्की भर्ती की जाए। सभी कर्मचारियों की वेतन विसंगति को दूर की जाए।