संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। आरटीए की ओर से दो दिन पहले ही निजी बसों को परमिट देने के बाद अब रोडवेज कर्मी सरकार के खिलाफ मुखर हुए हैं। इस बार सरकार ने पूंडरी, निसिंग और करनाल रूट पर भी सरकार ने निजी बस संचालकों को परमिट दिए हैं। जबकि इस रूट पर सरकारी बसों की संख्या अधिक है। ऐसे में रोडवेज कर्मी इस रूट पर अनदेखी करने का लगातार आरोप लगाते हैं। रोडवेज कर्मियों ने अब परमिट देने के विरोध में हड़ताल का भी एलान किया है।
इससे पहले रोडवेज कर्मी 14 जुलाई को अंबाला में परिवहन मंत्री के आवास का घेराव करेंगे। राज्य मोर्चा सदस्य कृष्ण कुमार किच्छाना व जसबीर सिंह कहा कि सरकार बिना किसी की मांग के रोडवेज विभाग में प्राइवेट बस परमिट देने जा रही हैं। जबकि प्रदेश भर की आम जनता की ओर से पंचायतों के माध्यम से व हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से सरकार से सरकारी बसों की मांग लगातार कर रही हैं। दूसरी ओर वर्तमान में जो प्राइवेट परमिट वाली बसें चल रही हैं। इन बसों में सरकार की ओर से दी जा रही किसी भी सुविधा को लागू नहीं किया जा रहा है। इस कारण वे इस मामले में सरकार का विरोध कर रहे हैं।
गौरतलब है कि जिले में इस बार 186 रूटों पर निजी बस संचालकों को परमिट दिए गए हैं। यह परमिट रोडवेज विभाग नहीं, बल्कि आरटीए विभाग की ओर से जारी किए गए हैं। इस मामले में रोडवेज की ओर से निजी बसों को न किसी प्रकार का परमिट दिया जाता और न ही किसी प्रकार से निजी बसों का संचालन किया जाता है। आरटीए विभाग अनुसार रोडवेज कभी भी निजी बसों को परमिट नहीं देता है। इसलिए इस परमिट देने की प्रक्रिया में रोडवेज विभाग का कोई हस्तक्षेप नहीं रहता है।