कैथल। कैथल डिपो में नई बसों के आने के बाद अब रोडवेज को बसों के कंडम होने का झटका लगेगा। विभाग के अनुसार अगले महीने में कैथल डिपो की 16 बसें कंडम होगी। इससे यात्रियों को बसों की कमी के कारण परेशानी झेलनी पड़ सकती है। इन सभी बसों की वैधता सितंबर 2023 तक ही है। पिछले सात सालों में कैथल डिपो को 76 रोडवेज, पांच मिनी व 23 किलोमीटर योजना की बसें मिली हैं। इनमें टाटा कंपनी के बीएस छह तकनीक की बसें पिछले छह महीनों में ही आई हैं। इन बसों के कंडम होने के बाद कुछ अधिक प्रभाव यात्रियों पर तो नहीं पड़ेगा, लेकिन ग्रामीण रूटों पर लोगों को परेशानी जरूर हो सकती है। वहीं, इससे पहले दिल्ली डिपो से आठ पुरानी बसों को कैथल डिपो के रोडवेज के बेड़े में शामिल किया गया है। इन बसों को स्थानीय रूटों पर ही चलाया गया है। ऐसी स्थिति में ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को राहत जरूर मिली है।
पिछले आठ साल में कंडम बसों की स्थिति-
वर्ष
कंडम बसों की संख्या
2016
13
2017
04
2018
10
2019
08
2020
14
2021
00
2022
15 बसें कंडम होनी थी। लेकिन आयु सीमा बढ़ा दी।
नोट- बसों को कंडम करने की बजाय दो साल की आयु सीमा बढ़ा दी। वहीं, अब 2023 में सितंबर में 16 बसें कंडम होगी।
रोडवेज के महाप्रबंधक अजय गर्ग ने बताया कि अगले महीने के अंत तक करीब 16 बसें कंडम तो जरूर होनी है, लेकिन अब डिपो में बसों की संख्या ठीक हो गई है। वहीं, बसों के कंडम होने के बाद इनकी जगह पर इतनी ही बसें और आनी है। ऐसे में अधिक प्रभाव यात्रियों पर नहीं पड़ेगा।