फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: अगस्त में रोडवेज डिपो को मिलेंगी 10 नई बसें, यात्रियों को मिलेगी राहत

विज्ञापन
बस अड्डा की वर्कशाप में खड़ी बसें। संवाद
विज्ञापन
कैथल। कैथल रोडवेज डिपो को अगस्त में 10 नई बसें मिलने जा रही हैं। इनकी बॉडी तैयार करने का काम अंतिम चरण में है और प्रक्रिया पूरी होते ही इन्हें बेड़े में शामिल कर दिया जाएगा। नई बसों के आने से डिपो में बसों की संख्या 152 से बढ़कर 162 हो जाएगी। इससे यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलने के साथ संचालन व्यवस्था भी बेहतर होगी।
विज्ञापन

यात्रियों के अनुसार वर्तमान में डिपो की कई बसें लंबे समय से सेवा दे रही हैं जिसके कारण रखरखाव और मरम्मत का दबाव बढ़ा हुआ है। नए वाहनों के शामिल होने से पुराने बेड़े पर निर्भरता कम होगी और किसी बस में तकनीकी खराबी आने पर वैकल्पिक व्यवस्था करना आसान रहेगा। रोडवेज अधिकारियों के अनुसार नई बसों को पहले उन मार्गों पर भेजा जाएगा, जहां यात्रियों की संख्या अधिक रहती है। जींद, करनाल, कुरुक्षेत्र, गुहला-चीका, असंध और दिल्ली जैसे लंबे व व्यस्त रूटों पर इनका संचालन प्राथमिकता से किया जाएगा। इससे यात्रा अधिक आरामदायक होगी और त्योहारों व छुट्टियों के दौरान अतिरिक्त बसें उपलब्ध कराने में भी सुविधा मिलेगी।
यात्री राजेश, मनप्रीत, सुरेंद्र, रामनिवास और राजबीर ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले डिपो को छह नई बसें मिली थीं। इसके बाद बेड़े की करीब 40 बसें जर्जर हो चुकी हैं जिससे कई मार्गों पर बसों की उपलब्धता प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि नई बसें मिलने से अधिकतर रूटों पर संचालन बेहतर होगा और यात्रियों को राहत मिलेगी। विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने वाले यात्रियों को अधिक सुविधा मिलेगी। साथ ही भीड़ और लंबा इंतजार भी कम होने की उम्मीद है।
विज्ञापन

-
रोडवेज के कर्मचारी नेता कृष्ण कुमार ने बताया कि बसों की वे समय-समय पर ज्ञापन देकर मांग करते रहते हैं। डिपो को करीब 70 बसों की जरूरत है। सरकार से मांग है कि जल्द से जल्द डिपो में बसों की संख्या पूरी की जाए। नई बसें आने के बाद कुछ हद तक राहत जरूर मिलेगी।
अगस्त में नई बसें डिपो के बेड़े में शामिल हो जाएंगी। इनके संचालन से यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा। विभाग का प्रयास रहेगा कि बसों की उपलब्धता के लिए यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।- अनिल कुमार, वर्कशॉप मैनेजर

बस अड्डा की वर्कशाप में खड़ी बसें। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें