यात्रियों के सब्र का बांध टूट गया
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चंडीगढ़ से सिरसा जा रही हरियाणा रोडवेज की एक बस के यात्रियों की मानें तो एक पूर्व डीसी की पत्नी की गाड़ी के साथ साइड देने को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस ने अंबाला रोड बाईपास चौक पर बस रुकवा ली और ड्राइवर को अपने साथ ले गई। रात के नौ बजे तक भी ड्राइवर के ना लौटने पर यात्रियों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने अंबाला रोड पर जाम लगाने की कोशिश की। बाद में ड्राइवर को छोड़ दिया गया। करीब 9 बजकर 5 मिनट पर बस चौक से रवाना हुई। हालांकि ना तो बस चालक और ना ही पुलिस ने यहां बस रुकवाकर चालक को साथ ले जाने के कारण का खुलासा किया है।
चौक पर रोष प्रकट कर रहे यात्रियों बाबा लदाना के हुक्म चंद, कैथल के हुडा निवासी ज्योति, जींद के बड़ौद गांव निवासी रणधीर सिंह, यात्री हुडा निवासी संतोष ने बताया कि वे चंडीगढ़ सिरसा जा रही बस नंबर एचआर 57-ए5711 में सवार होकर आ रहे थे। यहां अंबाला रोड बाईपास चौक पर बस रुकवाकर पुलिस ड्राइवर को अपने साथ ले गई। जब नौ बजे तक भी ड्राईवर नहीं आया तो बस में सवार यात्रियों में रोष बढ़ गया।
यात्री ज्योति ने बताया कि उन्हें बाद में पता चला कि कैथल में एक पूर्व डीसी की पत्नी की गाड़ी को साइड ना देने को लेकर विवाद हुआ है। इसीलिए चालक को ले जाया गया। पुलिस को यह देखना चाहिए कि रात के नौ बजे गए हैं। बस में महिला यात्री भी सवार हैं। ऐसे में किस तरह पुलिस यात्रियों से भरी बस को इस तरह से छोड़ सकती है। लोगों ने कैथल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की और कुछ मिनटों के लिए जाम भी लगाया। नौ बजे के बाद चालक लौटा। जब चालक से पूछा गया तो उसने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया और कहा कि धुंध के कारण बस रोकी। इस पर भी यात्रियों ने रोष प्रकट किया और कहा कि ड्राइवर झूठ बोल रहा है।
इस संबंध में एसएचओ सिविल लाइन रामचंद्र ने कहा कि सदर पुलिस के एरिया में कोई गाड़ी के साथ टक्कर मारे जाने की सूचना के बाद अंबाला रोड बाइपास पर बस को रोका गया था। इससे ज्यादा उन्हें कोई जानकारी नहीं है। एसएचओ सदर अमन बैनीवाल का कहना है कि किसी गलतफहमी के चलते चालक को रोका गया था। टक्कर लगने के कारण हुई गलतफहमी दूर हो गई। बार-बार पूछने पर भी एसएचओ ने यह नहीं बताया कि बस की टक्कर किसी वीआईपी की गाड़ी के साथ लगी थी। उन्होंने कहा कि वीटी के बाद बस रुकवाई गई थी।