गुहला-चीका। हलका की जर्जर सडक़ों का निर्माण कार्य शुरू न होने से खफा सड़क सुरक्षा मंच के सदस्यों ने सोमवार को एक दिन का सांकेतिक धरना दिया। इस दौरान स्थानीय विधायक व सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही जल्द सड़कों का निर्माण नहीं शुरू होने पर सात जून को चीका बंद करने का एलान किया।
धरने की अगुवाई मंच के वरिष्ठ सदस्य एडवोकेट जीवानंद कौशिक ने की। धरने को संबोधित करते हुए डॉ. साहब सिंह संधू, नरेश ढांडे, डॉ. सुरेंद्र बंसल, धमेंद्र गोल्डी, राजपाल राणा, जीवानंद कौशिक ने कहा कि गुहला की लगभग सभी सड़के पिछले चार साल से खस्ता हैं। चीका कैथल, गुहला खरका, चीका पिहोवा व रामनगर सामना रोड़ इस क्षेत्र के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण सड़कें हैं। विधायक अपने चार साल के कार्यकाल में एक भी सड़क का निर्माण नहीं करवा पाए।
डॉ. संधू ने कहा कि जब सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया तो स्थानीय लोगों ने सड़क सुरक्षा मंच के नाम से संगठन बना दिसंबर में धरना शुरू किया था। विधायक ने 23 जनवरी को धरना स्थल पर आकर मंच के सदस्यों से बात की और 31 मार्च तक सभी सड़कों का निर्माण कार्य शुरू करवाने का लिखित में आश्वासन दिया। वे अपने वादे के मुताबिक 31 मार्च तक सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं करवा पाए तो स्वयं भी जनता के साथ धरने पर बैठ जाएंगे।
विधायक के वादे को पौने दो महीने का समय बीत चुका है इसके बावजूद वे चीका से कैथल व रामनगर से समाना दो किलोमीटर की सड़क पर काम शुरू नहीं करवा पाए हैं। छह जून तक इन दोनों सड़कों का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो सात जून को सुबह आठ से 11 बजे तक शहर को बंद रखा जाएगा। मंच के सदस्य सोनू कांंबोज ने आरोप लगाया कि विधायक के वादे के बाद गुहला-खरकां व चीका-भागल रोड का जो मरम्मत का जो कार्य हुआ है, उसमें भी ठेकेदार घटिया सामग्री का प्रयोग कर रहा है।