कैथल। कालेजियम ने बन पाने के कारण आरकेएसडी कॉलेज प्रबंधक समिति के चुनाव अब एक जून को नहीं हो पाएंगे। हालांकि पहले से ही ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि हरियाणा सरकार द्वारा बनाए गए नए सोसाइटी एक्ट 2012 के तहत आवश्यक औपचारिकताएं पूरी नहीं हो पा रही हैं और इसी वजह से चुनाव को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन अब स्वयं कॉलेज चुनाव समिति ने इसे अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है।
ये है चुनाव न होने का कारण
हरियाणा सरकार के नए सोसाइटी एक्ट 2012 के तहत यदि किसी संस्था में सदस्यों की संख्या 300 से ज्यादा है तो कालेजियम बनाना आवश्यक है। आरकेएसडी कॉलेज में भी यदि सदस्यों की संख्या 300 से कम होती तो सीधा चुनाव करवाया जा सकता था। लेकिन कॉलेज में पिछला चुनाव भी 3714 मतदाता सूची पर लड़ा गया था। ऐसे में इन वोटों को अलग-अलग विभाजित कर कालेजियम बनाना जरूरी है। जिसमें से एक कालेजियम में से एक सदस्य का चयन किया जाता। इसके बाद सभी कालेजियम में से चुन कर आने वाले सदस्य ही प्रधान का चयन करते हैं, लेकिन आवश्यक कागजी कार्रवाई के बीच वर्तमान प्रबंधक कमेटी के कार्यकाल में कालेजियम बनाए जाने का काम पूरा नहीं हो पाया। बिना कालेजियम के नियमानुसार चुनाव नहीं हो सकता है।
यूनिवर्सिटी और उच्चतर शिक्षा विभाग का पर्यवेक्षक नियुक्ति से इंकार
निर्वाचन अधिकारी नवनीत गोयल ने बताया कि एक जून को घोषित आरकेएसडी कॉलेज प्रबंधक समिति के चुनाव के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग एवं कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को पर्यवेक्षक नियुक्त करने के लिए पत्र लिखा था। लेकिन दोनों ही विभागों ने नए सोसाएटी एक्ट 2012 के तहत नए कालेजियम न बनाए जाने की सूरत में पर्यवेक्षक नियुक्ति से इंकार कर दिया है। जिस कारण चुनाव करवा पाना संभव नहीं हैं।
अस्थायी रूप से चुनाव स्थगित
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय एवं शिक्षा विभाग की ओर से पर्यवेक्षक नियुक्ति की ना के बाद चुनाव को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है।
वर्तमान समिति का कार्यकाल 5 जून को पूरा होगा
इस समय सतीश बंसल के नेतृत्व में कार्यरत कॉलेज प्रबंधक समिति का कार्यकाल पांच जून को पूरा हो रहा है। पिछले चुनाव में सतीश बंसल ग्रुप ने जीत हासिल की थी तथा 3714 वोटों की सूची पर ही चुनाव हुआ था।
जाट कॉलेज की तर्ज पर हो सकती है एडहॉक कमेटी नियुक्त
यदि आरकेएसडी कॉलेज में भी समय पर चुनाव नहीं होते हैं तो दो रास्ते बच जाते हैं। जिसमें एक तो सरकार कॉलेज चलाने को लेकर प्रशासक नियुक्त कर सकती है। अन्यथा जाट कॉलेज की तर्ज पर यहां भी एडहॉक कमेटी का गठन किया जा सकता है। जिसमें वर्तमान प्रबंधक समिति को भी आगे एडहॉक कमेटी के तौर पर मान्यता दी जा सकती है। या फिर कॉलेज की 3714 की सूची में से किसी अन्य की भी लॉटरी लग सकती है।
ये हैं कमेटी के संभावित
मुख्य संभावितों में कॉलेज प्रबंधक समिति के वर्तमान अध्यक्ष सतीश बंसल, पूर्व प्रधान सुभाष मित्तल, निर्वाचन अधिकारी नवनीत गोयल, पूर्व प्रधान ईश्वर कौलिया, वर्तमान महासचिव साकेत मंगल, अश्वनी शोरेवाला, अनिल शोरेवाला में से किसी एक के नेतृत्व में एडहॉक कमेटी का गठन हो सकता है।
चुनाव पर थीं पूरे शहर की नजरे
अब देखना यह है कि प्रदेश के अन्य कॉलेजों की तर्ज पर इस कॉलेज में भी एडहॉक कमेटी के गठन की सूरत में वर्तमान प्रबंधक कमेटी को आगे कार्यभार दिया जाएगा या फिर किसी नए चेहरे को संस्था की कमांड मिलती है। पूरे शहर की इस कॉलेज के चुनाव पर नजरें लगी हुई हैं।