रविवार को कैथल की नई अनाज मंडी में धान खरीद के लिए किसान को फिर परेशानियों का सामना करना पड़ा। खरीद अधिकारी और गेट पास काटने वाले कर्मचारी संडे मनाते रहे, वहीं किसान और आढ़ती मंडी में जूझते दिखाई दिए। न खरीददार आए और न ही गेट पास कटे। डीएफएससी ने कहा कि रविवार को बोली व गेटपास नहीं काटे गए। सोमवार से पूरी व्यवस्था सुचारु हो जाएगी। वहीं विधायक लीला राम ने कहा कि यदि सोमवार को भी ठीक ढंग से खरीद नहीं हुई तो वे सीएम को पूरे मामले की जानकारी देंगे।
विदित रहे कि कैथल अनाज मंडी में गुहला-चीका, पिहोवा, पूंडरी व आस-पास की मंडियों से कम कीमत मिलने के कारण यहां लाया जाने वाला धान बाहर के जिलों और मंडियों में जा रहा है। किसान मलकान सिंह, करेशन ने बताया कि किसानों ने कैथल अनाज मंडी के आढ़तियों से कर्ज लिया हुआ है और इसी कर्ज को उतारने के लिये कम मूल्य पर फसल बेचनी पड़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि विधायक लीला राम कैथल की मंडी में खरीद करने के लिए बाहर के राइस मिल मालिकों को बुला रहे है, लेकिन कुछ अधिकारी लोकल मिल मालिकों की मिलीभगत कर उनको कैथल मंडी से खरीद करने से रोक रहे हैं।
वहीं कुछ आढ़तियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया की मार्केट कमेटी के द्वारा नई मंडी में दो तथा एडिशनल मंडी में भी दो कर्मचारी गेट पास काटने के लिए बैठाए हैं, लेकिन उन पर भीड़ के कारण कुछ कर्मचारी कमेटी के अंदर बैठ कर पैसों के बलबूते पर गेट पास थोक में कटवा रहे हैं। उधर गेटपास कटवाने को लेकर किसान व आढ़ती परेशान हैं।
डीएफएससी प्रमोद शर्मा ने बताया कि बाहर से कोई मिलर खरीद के लिए नहीं आया। आता है तो उसे खरीद की अनुमति दी जाएगी। रविवार को बोली नहीं करवाई गई। गेटपास भी शेड्यूल के अनुसार ही बनते हैं।
वहीं विधायक लीला राम ने कहा कि एक सुनियोजित साजिश के तहत कैथल की नई अनाज मंडी, विस्तार अनाज मंडी व पुरानी अनाज मंडी में आढ़तियों व किसानों को अधिकारियों की मिलीभगत के चलते परेशान किया जा रहा है। वही धान आस-पास की मंडियों में 1900 से ज्यादा तो कैथल अनाज मंडी में 1800 या 1850 रुपये तक बिक रहा है। डीसी के साथ बैठक के बाद कुछ सुधार दिखा था, लेकिन यदि सोमवार तक पूरा सुधार नहीं हुआ तो वे सोमवार को सीएम मनोहर लाल से मिलकर पूरी स्थिति से अवगत करवाएंगे कि कैथल का किसान व आढ़ती कितना परेशान है।