फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कलायत में भी नहीं हुई धान की खरीद

विज्ञापन
rice sell - फोटो : Kaithal
विज्ञापन
कलायत में नमी के कारण धान की खरीद नहीं हो पाई। लगभग 400 क्विंटल पीआर किस्म की धान आई। मार्केट कमेटी से मिली जानकारी के अनुसार मंडी में पीआर धान की खरीद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा की जानी थी। बताया गया की विभाग द्वारा धान की ढेरियों में जब नमी की मात्रा की जांच की गई तो वह निर्धारित मानकों से अधिक पाई गई। जिसके चलते सोमवार को भी पीआर धान की सरकारी तौर पर खरीद नहीं हुई। अनाज मंडी में मोटे धान के अलावा 1509 व कपास की आमद भी शुरू हो चुकी है। मंडी व्यापारी विजय निर्मल, पवन मित्तल, शमशेर सिंह खरक पांडवा, मोहन लाल सिंगला, पवन गर्ग, अश्विनी मित्तल, जोरा सिंह, श्याम लाल ने बताया की व्यापारियों द्वारा धान की क्वालिटी के अनुसार खुलकर फसल की बोली लगाई जा रही है। कमेटी सचिव सविता चौधरी ने बताया कि खरीद लायक धान की नमी की मात्रा 17 फीसदी तक होनी चाहिए।
विज्ञापन

अनाज मंडियों में सोमवार को भी धान की सरकारी खरीद नहीं हुई। जबकि मंडी में धान की आवक बढ़ती जा रही है। मार्केट कमेटी सचिव अभिनव वालिया ने बताया कि अनाज मंडी पूंडरी में 2 खरीद एजेंसियां खरीद करेंगी। उन्होंने बताया 3 दिन हैफेड एजैंसी खरीद करेंगी और 3 दिन डीएफएससी खरीद करेगा।
धान की सरकारी खरीद शुरू न किए जाने के विरोध में भाकियू, भाकिसं व अनाज मंडी एसोसिएशन ने मार्केट कमेटी ढांड में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद भाकियू ने सचिव मार्केट कमेटी ढांड को चेतावनी दी कि मंडियों में पड़े किसानों के धान की सरकारी खरीद शुरू करवाई जाए वरना भाकियू कार्यालय को ताला लगा देगी। सचिव ने हैफेड खरीद एजेंसी के अधिकारियों को खरीद के लिए बुलाया और मंडी में धान की खरीद शुरू करने के लिए कहा। ऑनलाइन गेट पास ना होने के कारण खरीद नहीं हो पाई। युवा भाकियू प्रदेशाध्यक्ष विक्रम कसाना ने सरकार पर आरोप लगाया है कि जब सरकार के पास अपना कोई सिस्टम नही है तो आनलाइन खरीद प्रक्रिया का क्या औचित्य रहा जाता है।
विज्ञापन

हेफेड खरीद एजेंसी के अधिकारी सुखदीप ने बताया कि राइस मिलर्स हड़ताल पर हैं। उनके बिना धान खरीद कर स्टाक करना संभव नही है। जिस किसान के पास आनलाइन गेट पास होगा तथा उसी किसान की धान खरीद की जाएगी। ढांड मार्केट कमेटी सचिव संदीप लोहान का कहना है कि आन लाइन गेट पास जारी के लिए पोर्टल में कुछ तकनीकी खामियां है, जिसके ठीक होते ही किसानों को गेट पास जारी कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें