जिले में धान की सरकारी खरीद दूसरे दिन भी नहीं हो पाई। आढ़तियों द्वारा मिलर्स के माध्यम से खरीद करवाने की मांग को लेकर खरीद का बहिष्कार किया गया। वहीं भारतीय किसान यूनियन ने मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट पर धरना दिया और गेट बंद करके प्रदर्शन किया। एसडीएम संजय कुमार ने उन्हें समझा-बुझाकर प्रदर्शन खत्म करवाया। आढ़तियों ने भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष से मिलकर उनकी समस्याओं के समाधान की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन ने सरकारी खरीद न होने को लेकर नई अनाज मंडी स्थित मार्केट कमेटी के गेट पर धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यूनियन के जिला प्रधान होशियार सिंह गिल ने कहा कि सरकार द्वारा अभी तक धान की खरीद शुरू नहीं की गई है। मंडी के हाल देख सरकार के सभी दावे फेल हो चुके है। अगर इनसे सरकार नहीं चल रही तो इस्तीफा दें व प्रदेश की खुशहाली के लिए राष्ट्रपति शासन लागू करें। विरेंद्र मागो ने कहा कि कई किसानों को एक क्विंटल धान मंडी में लाने के एसएमएस मिल रहे हैं। अब ऐसे में किसान कैसे फसल बेचेगा और कब तक बेचेगा। 1880 रुपये प्रति क्विंटल का भाव है। लेकिन इस समय जीरी 1300 से 1400 में पिट रही है।
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर पहुंचे एडीएम संजय कुमार ने कहा कि एजेंसियां जीरी के खरीद के लिए तैयार हैं। लेकिन आढ़तियों की ओर से सहयोग नहीं मिल रहा। एमएसपी से नीचे धान नहीं बिकेगा। जिस किसान के पास एक क्विंटल का एसएमएस आया है, उसे दुरुस्त करवाया जाएगा। सरकार के निर्देशानुसार 17 प्रतिशत नमी तक धान की खरीद की जा सकती है। इस अवसर पर बलकार चंदाना, भाना सेगा, किताब सिंह रोहेडा, बसाऊ सेगा, नरेंद्र मागो, संदीप भाल मानस, मनोज आंधली, मनजीत करोडा, बिंटू भाणा, केशा राम सहित अन्य कई किसान मौजूद थे।
आढ़तियों ने की सुभाष बराला से मुलाकात- आढ़तियों के प्रतिनिधिमंडल ने नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मित्तल की अगुवाई में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला से मुलाकात करके खरीद के दौरान मिलर्स की मौजूदगी, उठान की जिम्मेवारी मिलर्स को देने और किसानों को एसएमएस चंडीगढ़ की बजाए मार्केट कमेटी कार्यालयों से भिजवाने की मांग की। बराला ने आढ़तियों को उनकी बात सीएम तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। कृष्ण मित्तल ने कहा कि सोमवार को धान की सरकारी खरीद नहीं हो पाई। वे इस व्यवस्था में खरीद नहीं करवा सकते।
मार्केट कमेटी सचिव दीपक कुमार ने कहा कि सोमवार दोपहर को ऑनलाइन पोर्टल शुरू हो गया है। जिन किसानों के पास कम क्विंटल धान के एसएमएस पहुंचे हैं, उन्हें ठीक करवा दिया जाएगा। धान की खरीद आढ़तियों के विरोध के चलते नहीं हो पाई। मार्कटिंग बोर्ड की खरीद को लेकर तैयारियां पूरी हैं।
डीएफएससी प्रमोद शर्मा ने कहा कि प्रयास किया गया था कि धान की किसानों से सीधी खरीद हो। लेकिन किसान नहीं मिले। आढ़तियों की कुछ मांगें हैं, उम्मीद है जल्द बातचीत से हल निकलेगा। मंगलवार को धान की खरीद जरूर होगी। सोमवार तक सरकारी खरीद नहीं हो पाई।