अधिकारियों की टीम करवा रही है बोली
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दो राइस मिलर्स द्वारा धान की खरीद में खाद्य और आपूर्ति विभाग के साथ की गई 14 करोड़ की ठगी के मामले में विभाग ने वसूली शुरू कर दी है। वीरवार को इन मिलर्स को दिए गए धान के स्टॉक की खुली बोली शुरू कर दी। धान के करीब 84 हजार कट्टों का स्टॉक मिल में मिला था। इनके लिए वीरवार को सात लोगों ने बोली लगाई। इन सभी से बोली लगाने से पहले पांच लाख रुपये की धरोहर राशि जमा करवाई गई। बोली शुक्रवार को भी जारी रह सकती है।
14 करोड़ रुपये का है गबन
ढांड में मै. देशराज राजीव कुमार और शिव शक्ति ट्रेडिंग कंपनी राइस मिल ढांड को खाद्य और आपूर्ति विभाग ने मंडियों से धान खरीद कर दिया था। दोनों राइस मिलों को इस धान से चावल निकालकर 31 मार्च 2015 तक देना था। इसके बाद दोनों राइस मीलों ने विभाग से लिखित में समय बढ़ाने की मांग की। सरकार ने पहली बार 30 जून तक इसके बाद 31 अगस्त और फिर 30 सितंबर 2015 तक का समय बढ़ा दिया। लेकिन दोनो राइस मिलों मालिकों ने विभाग को चावल जमा नही करवाए। बाद में इस मामले में अतिरिक्त मुख्य सचिव के आदेश पर 68734.20 किवंटल सरकारी धान की हेराफेरी के गबन मामला पुलिस में दर्ज करवाया गया। लकड़ी के क्रेट्स, बारदाने सहित विभाग को कुल 14 करोड़ रुपये का गबन किया गया था। इसी मामले में विभाग ने अब वसूली शुरू कर दी है।
पांच अधिकारियों की टीम ने करवाई बोली
भारी पुलिस बल के साथ वीरवार सुबह डीएफएससी मोनिका मलिक के नेतृत्व में अधिकारियों का दल मिल में पहुंचा। डीएफएससी के अलावा तहसीलदार पूंडरी सुदेश, वेयरहाउस के मैनेजर जगदीश, हैफेड से राजकुमार शामिल थे। जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी मोनिका मलिक ने बताया की धान की खुली बोली में सात खरीददारों ने रुचि दिखाई है। बोली समाप्त होने पर सफल बोलीदाता को खरीदे गए धान की 25 प्रतिशत राशि मौके पर ही जमा करवानी होगी। शेष राशि धान उठाने के समय जमा करवानी होगी। मलिक ने बताया कि इस समय शैलर में लगभग 84,000 कट्टे धान है। इनमें पीआर और 1509 किस्म का धान है। स्टॉक के अनुसार बोलीदाताओं द्वारा अलग बोली दी जा रही है। एक दिन में यह काम पूरा नहीं हुआ, तो अगले दिन भी बोली जारी रहेगी।