राजौंद हरियाणा के किच्छाना कूई पर चल रहे जाट आरक्षण के धरने के 14वें दिन महिलाओं का भारी हजूम धरना स्थल पर पहुंचा। भरत सिंह बैनीवाल व जोगी राम मलिक ने धरना स्थल पर अपने संबोधन में कहा कि जो स्वयंभू खाप नेता जाट आंदोलन के खिलाफ सरकार से बातचीत करके आए हैं उनका किच्छाना कूई धरनास्थल पर पूर्ण रूप से बहिष्कार किया गया। सरकार के साथ उन नेताओं द्वारा की गई बातचीत को भी जाट समाज ने सिरे से खारिज कर दिया। धरने की अध्यक्षता रामकुमार नम्बरदार गुलियाणा ने की।
कलायत विधायक ने किया समर्थन
कलायत विधायक जयप्रकाश ने भी जाट समाज के लोगों को समर्थन करते हुए कहा कि राजनीति व पार्टी से पहले भाईचारा है। इसलिए भाईचारे के जो भी आदेश होंगे वह उसी अनुसार चलेंगे। धरना स्थल पर मास्टर अजमेर सिंह व सोन बांगड ने बताया कि 19 जून को किच्छाना कूई पर एक विशाल रैली आयोजित की जाएगी। जिसमें महिला व पुरुष भारी तादाद में अपने अपने वाहन से पहुंचेंगे।
शनिवार को धरना स्थल पर चमेली देवी, सुखदेई, भरथों, मामो, सावित्री, भागो देवी, रामरती, मूर्ति देवी, शरण गांव गुलियाणा के नेतृत्व में 250 के करीब महिलाएं शामिल हुई। धरने को शीशराम बालू, जिला पार्षद अंजू जागलान, संजय जागलान, दलीप, गजे सिंह, बलबीर, वजीर किठाना, कपूर सिंह, ईश्वर सरपंच गुलियाणा, जिले सिंह, रामपाल, रामफल, राजाराम कसान, मनोज मलिक, मास्टर रामकिशन ढाडा, मास्टर रामकला बालू आदि ने भी संबोधित किया।
धर्मपाल छौत के साथ हुई धक्का-मुक्की
जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष धर्मपाल छौत ने जब धरना व आंदोलन के बारे में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करनी चाही तो आक्रोशित जाट समाज के कई लोगों ने उनके साथ हाथापाई शुरू कर दी। ऐसे में लोगों ने बीच में आकर बचाव किया। वहीं धर्मपाल छौत ने कहा कि उनके साथ धरने पर हाथा-पाई हुई है। वह धरना स्थल से आ गए हैं।