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Kaithal News: नकली फेसबुक आईडी से सेवानिवृत्त अध्यापक को झांसा, 4.56 लाख ठगे

Sun, 15 Feb 2026 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। नेहरू गार्डन निवासी एक सेवानिवृत्त अध्यापक से फेसबुक के माध्यम से 4.56 लाख रुपये की ठगी हो गई। पीड़ित अर्जुन सिंह ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि ठगों ने उनके कनाडा में रहने वाले पुराने मित्र के नाम से नकली फेसबुक आईडी बनाकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया।

पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित ने बताया कि 13 दिसंबर को उनके फेसबुक अकाउंट पर दर्शन मलिक खुराना के नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। वर्ष 2003 से परिचित मित्र की फोटो लगी होने के कारण उन्होंने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। मैसेंजर पर बातचीत के दौरान आरोपी ने कहा कि वह भारत आने वाला है और 10 लाख रुपये भारत भेजना चाहता है, जिसे वह उनके बैंक खाते में ट्रांसफर करेगा और बाद में ले लेगा।
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रसीद भेजकर किया गुमराह ः विश्वास में आकर पीड़ित ने सहमति दे दी। आरोपी ने आधार कार्ड मांगा, जिस पर उन्होंने अपनी पत्नी का आधार कार्ड मैसेंजर पर भेज दिया। कुछ समय बाद आरोपी ने वेस्टर्न यूनियन के नाम से 10,30,800 रुपये की कथित रसीद भेजी, जिसमें उनकी पत्नी का नाम और आधार नंबर दर्ज था। इसके बाद स्वयं को बैंक अधिकारी बताने वाले व्यक्ति ने फोन कर कहा कि 24 घंटे में राशि खाते में आ जाएगी। आरोपी ने भारत में एक एजेंट को तुरंत पैसे देने की बात कही और भरोसा दिलाया कि विदेशी रकम जल्द खाते में पहुंच जाएगी।

इसके बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल कर पहले 2,55,000 रुपये और फिर 5,70,000 रुपये की मांग की गई। पीड़ित ने पड़ोसियों व परिचितों से उधार लेकर कुल 4,56,000 रुपये बताए गए बैंक खातों में आरटीजीएस व ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर कर दिए।

बाद में बैंक प्रबंधक द्वारा

पूछताछ करने पर उन्हें संदेह हुआ। जब उन्होंने अपने वास्तविक मित्र से दूसरे फेसबुक अकाउंट पर संपर्क किया

तो पता चला कि उसने कोई पैसे नहीं मांगे थे और उसके नाम से नकली आईडी बनाकर ठगी की गई है। यह एहसास होने पर पीड़ित ने 18 दिसंबर को राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की।
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पीड़ित की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। वाट्सएप और फेबुक पर सावधान रहने की जरूरत है। गलत आईडी बनाकर साइबर अपराधी अपराध को अंजाम दे रहे हैं। -शुभ्रांशु, साइबर थाना प्रभारी
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