कैथल। साइबर ठगों ने बैंक कर्मचारी बनकर गांव हरसौला निवासी रिटायर्ड सीआरपीएफ जवान और उनकी पत्नी के बैंक खातों से 5 लाख 84 हजार 991 रुपये निकाल लिए। आरोपियों ने व्हाट्सएप पर योनो एसबीआई पंजीकरण और कस्टमर सर्विस के नाम से एपीके फाइलें भेजकर दोनों के मोबाइल में इंस्टॉल करवाई थीं। इसके बाद ठगों ने खातों तक अवैध पहुंच बनाकर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर ली।
साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में गांव हरसौला निवासी दिलबाग सिंह ने बताया कि 5 अक्तूबर को उनके व्हाट्सएप पर योनो एसबीआई कस्टमर सर्विस के नाम से मैसेज आया था। जवाब देने पर एक व्यक्ति ने खुद को बैंक का कर्मचारी बताया। बातचीत के दौरान उसने दिलबाग के मोबाइल पर दो एपीके फाइलें भेजीं जिन्हें उसने बैंक का एप समझकर डाउनलोड कर लिया। आरोपी ने उनकी पत्नी शीला देवी के मोबाइल पर भी यही फाइलें भेजकर इंस्टॉल करवा दीं।
दो दिन में दोनों खातों से निकाली रकम
शिकायत के अनुसार 6 अक्तूबर की रात 10:32 बजे दिलबाग के पंजाब नेशनल बैंक खाते से आरटीजीएस के जरिये 4 लाख 95 हजार रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। इसके अगले दिन सुबह 7:29 बजे उनकी पत्नी के खाते से 89,991 रुपये निकाल लिए गए। बैंक के मैसेज मिलने पर उन्हें ठगी का पता चला। इसके बाद दोनों ने बैंक पहुंचकर अपने खाते बंद करवाए और साइबर थाना में शिकायत दर्ज करवाई। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर ठगी की रकम वापस दिलाने की मांग की है।
डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 319 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।