कैथल। बच्चों के बेहतर पोषण के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजे जाने वाले फोर्टिफाइड दूध के पैकेट कूड़े के ढेर से मिलने के मामले में राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने सीडीपीओ पूंडरी, सर्कल सुपरवाइजर सहित आंगनबाड़ी वर्कर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बुधवार को निरीक्षण कर आंगनबाड़ी केंद्रों में रिकॉर्ड और स्टॉक का फिर से मिलान करें।
विदित हो कि रविवार को गांव पाई में आंगनबाड़ी केंद्रों में दिए जाने वाले दूध के पैकेट कचरे में मिले थे। इसके बाद विभाग की टीम ने सोमवार को दौरा कर जांच पड़ताल की। इस दौरान बताया गया कि कूड़े के ढेर से बरामद अधिकतर दूध के पैकेट खाली थे, जबकि क्षेत्रवासियों ने ही जांच टीम पर सवाल उठाते हुए लीपापोती के आरोप लगाए थे। ऐसे में अधिकारियों की टीम ने दूसरे दिन मंगलवार को फिर गांव के आंगनबाड़ी केंद्रों का दौरा किया। अधिकारियों ने गांव के करीब 20 आंगनबाड़ी केंद्रों में जाकर दूध व अन्य प्रकार के सामान का स्टॉक जांचा। साथ ही रजिस्टरों में चेक किया कि कितना दूध केंद्रों में आया है।
यही नहीं अधिकारियों की देखरेख में ही बच्चों को फोर्टिफाइड दूध तैयार करवाकर पिलाया गया। इस संबंध में सीडीपीओ पूंडरी विनिता पंवार ने बताया कि पैकेट फेंकने वाले का अभी पता नहीं लग पाया है। वे संबंध में जांच कर रही हैं। मंगलवार को भी गांव में जाकर पूछताछ कर रिकॉर्ड जांचा गया है। फिलहाल सभी केंद्रों में रिकॉर्ड व स्टॉक सही पाया गया है। वहीं महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को पिलाने के लिए भेजे गए दूध को कचरे में फेंकने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह एक बड़ी लापरवाही है।
इस संबंध में उन्होंने सीडीपीओ पूंडरी, सर्कल सुपरवाइजर पाई व आंगनबाड़ी वर्कर पाई अनारो देवी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही दो दिन में स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। राज्यमंत्री ने कहा कि बुधवार को गांव पाई के सभी 20 आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थियों व स्टॉक का मिलान होगा। अगर अनियमितता पाई गई तो संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।