संवाद न्यूज एजेंसी
राजौंद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय की राजौंद शाखा की ओर से पार्श्वनाथ गुरुकुल राजौंद में प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का विषय ‘संगम गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन’ रहा। इस दौरान “सम्मान से बढ़े बुजुर्गों की शान, यही है भारत की सच्ची पहचान” का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने कहा कि बुजुर्गों के सम्मान से ही समाज की पहचान मजबूत होती है। उन्होंने बताया कि ब्रह्माकुमारीज संस्थान के समाज सेवा प्रभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के बीच हुए एमओयू के तहत वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में राजौंद में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारे अतीत से जोड़ने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं और भविष्य के मार्गदर्शक भी हैं। उनके अनुभव, ज्ञान और मार्गदर्शन का सम्मान करना समाज का दायित्व है।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए आशा दीदी ने कहा कि आज बच्चे पढ़ाई में अच्छे अंक तो प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी उतना ही आवश्यक है। जीवन में केवल डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि मानसिक रूप से मजबूत होना भी जरूरी है, ताकि व्यक्ति हर परिस्थिति का सामना कर सके। उन्होंने विद्यार्थियों को मेडिटेशन को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इससे आंतरिक शक्तियों का विकास होता है। गुरुकुल के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप कुमार और अशोक कुमार ने ब्रह्माकुमारी संस्था का आभार व्यक्त करते हुए अपने विचार साझा किए।