संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पशुपालन विभाग की ओर से चार दिन पहले ही की गई जांच के तहत दो गोशालाओं में गोवंश कम मिलने पर पशुपालन विभाग ने एक्शन लिया है। अब विभाग ने जिलेभर की सभी 22 गोशालाओं में गोवंश की संख्या को लेकर जांच करने का फैसला लिया है। इसके तहत विभाग के डिप्टी डायरेक्टर नरेंद्र कुमार ने विभाग के संबंधित एसडीओ को गोशालाओंं में रखे गए गोवंश की संख्या जुटाने के लिए दिशा-निर्देश दे एक पत्र जारी किया है।
यह है पूरा मामला ः पशुपालन विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर नरेंद्र कुमार की टीम ने बुधवार को जिले की कई गोशालाओं का औचक निरीक्षण किया था। इसके तहत रिकॉर्ड में काफी खामियां मिली थीं। गौशाला संचालकों ने रिकॉर्ड में तो गोशाला की संख्या अधिक दिखाई थी, लेकिन वास्तव में गोशाला में यह संख्या कम थी। निरीक्षण करने पहुंची टीम को जींद रोड स्थित माॅडल टाउन स्थित श्री-कृष्ण धाम गोशाला में रिकॉर्ड में 3911 गोवंश दिखाए थ। जबकि मौके पर 2481 ही गोवंश मिले थे।
इसी प्रकार पाडला गोशाला में 1200 गोवंश रिकार्ड में दिखाए थे और यहां 700 गोवंश मिले। गौरतलब है कि सरकार की तरफ से गोशालाओं में रखे गए गोवंश की खुराक को लेकर प्रति गोवंश 750 रुपये की राशि दी जाती है। इस राशि के चलते ही कई गोशाला संचालक कागजों में गोवंश की संख्या अधिक दिखा सरकार से राशि ली जा रही थी। इस समय जिले में कुल 26 गोशाला चल रही हैं। इनमें से 22 को सरकार की तरफ से पंजीकृत किया है। राजौंद, श्रीनाथ गोशाला पूंडरी, भूना और भागल गोशालाओं को अभी पंजीकृत नहीं किया गया है। इन गोशालाओं में रिकॉर्ड में 25 हजार के करीब गोवंश दिखाए गए हैं, जबकि संख्या इससे कहीं कम है।
टीम ने बुधवार को ही गोशालाओं में रखे गए गोवंश के रिकार्ड को लेकर निरीक्षण किया था। अब विभाग ने जिलेभर की सभी 22 गोशालाओं में गोवंश की संख्या को लेकर जांच करने का फैसला लिया है। -डाॅ. नरेंद्र, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग
गोशाला
रिकॉर्ड में दर्ज गोवंश
गोशाला में मिले इतने
कैथल
3911
2481
पाडला
1200
700
ट्योंठा
64
64