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राहत : अब नहीं होगी जिले में ऑक्सीजन की किल्लत

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जिला अस्पताल में बनने वाले ऑक्सीजन प्लांट के लिए आवश्यक उपकरण पहुंच गए हैं। आगामी दो दिनों में यह ऑक्सीजन प्लांट इंस्टाल हो जाएगा।
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विदित रहे कि कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई थी। उस समय कैथल में एनएचएआई की मदद से ऑक्सीजन प्लांट बनाए जाने का एलान हुआ था। उस समय पंद्रह दिन में प्लांट शुरू किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन जिला अस्पताल में आवश्यक जमीनी कार्य पूरा होने के बाद भी यह प्लांट नहीं बन रहा था। अब इसके लिए आवश्यक उपकरण पहुंच गए हैं।
रविवार को अस्पताल में बनने वाले प्लांट में पीएसए (प्रेशर स्विंग ऐड्सॉप्र्शन) पहुंच गया है, जिसकी क्षमता 1 हजार लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन की उपलब्धता है। इसे अगले 2 दिनों में इंस्टाल कर दिया जाएगा।
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इस संबंध में डीसी प्रदीप दहिया ने बताया कि प्लांट में प्रेशर स्विंग एड्सॉप्र्शन (पीएसए) टेक्नोलाजी का इस्तेमाल किया जाता है। यह इस सिद्धांत पर काम करता है कि उच्च दबाव में गैस सॉलिड सरफेस की तरफ आकर्षित हो। पीएसए (प्रेशर स्विंग ऐड्सॉप्र्शन) प्लांट में हवा से ही ऑक्सीजन बनाने की अनूठी तकनीक होती है। इसमें एक चैंबर में कुछ सोखने वाले रासायनिक तत्व डालकर उसमें हवा को गुजारा जाता है। इसके बाद हवा का नाइट्रोजन सोखने वाले तत्वों से चिपककर अलग हो जाता है और ऑक्सीजन बाहर निकल जाती है। इस तरह ऑक्सीजन की अस्पतालों को आपूर्ति की जाती है। इसके लिए दबाव काफी उच्च रखना होता है।
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इसके अलावा जिले में 4 अन्य जगह कलायत, कौल सीएचसी, गुहला-चीका व पूंडरी में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाने हैं, जिस पर कार्य चल रहा है। कलायत में पीएसए प्लांट का कार्य जारी है। गुहला व कौल में डीआरडीओ की तरफ से प्लांट बनाए जाने हैं, जबकि सीएचसी पूंडरी में भी प्लांट लगाया जाना है।
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