जमीन की रजिस्ट्रियों में मिल रही शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए बुधवार 22 जुलाई को सरकार ने तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी है। आगामी 15 अगस्त तक अब तहसील कार्यालयों में कोई भी रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। इन आदेशों के आते ही बुधवार को भी रजिस्ट्री करवाने हेतु लिए गए 100 टोकन रद्द हो गए।
कोरोना संकट के दौरान मार्च माह में रजिस्ट्री बंद हो गई थी, लेकिन लोगों की मांग को देखते हुए 24 अप्रेल को रजिस्ट्री खोल दी गई थी। इसके बाद एक दिन में 50 टोकन देने की अनुमति प्रदान की गई, लेकिन जब लोगों की मांग बढ़ती गई और तहसीलों में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी तो सरकार ने पिछले दिनों टोकन की संख्या बढ़ाकर 100 कर दी थी। साथ में 10 टोकन तत्काल कोटे से दिए जा सकते थे। लेकिन रजिस्ट्री में कई तरह की गड़बड़ियों की शिकायतें सरकार तक पहुंच रही थी। इस पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने बुधवार 22 जुलाई से रजिस्ट्री पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया।
कैथल तहसील में बुधवार को सुबह से ही रजिस्ट्री होने में दिक्कत आ रही थी। दोपहर तक एक भी रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। दोपहर को रोक के आदेश मिलते ही जारी किए गए 100 टोकन रद्द कर दिए गए। इससे रजिस्ट्री करवाने आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग मायूस होकर लौट गए।
कई तरह से गड़बड़ की थी शिकायत :
सरकार के पास तहसील कार्यालयों में हुई रजिस्ट्रियों में कई प्रकार की शिकायतें आ रही थी। इनमें कहीं किला नंबर गलत, कहीं क्षेत्र का नाम गलत तो कहीं अवैध कॉलोनी में भी रजिस्ट्री होने की शिकायत आई।
कई श्रेणियों में लगाया प्रतिबंध :
तहसीलदार सुदेश मेहरा ने कहा कि सॉफ्टवेयर में कुछ अपग्रेडेशन के लिए अलग-अलग श्रेणी अनुसार रजिस्ट्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। जो टोकन जारी किए थे, वे आदेशों के बाद रद्द कर दिए गए हैं। जिनके एक माह के लिए स्टांप जनरेट हो चुके हैं, उनकी अवधि बढ़ाकर 180 दिन कर दी है।