कैथल। हैफेड के डीएम को गेहूं की घटोतरी के लिए विभाग ने 11 लाख 24 हजार रुपये रिकवरी डाली है। यदि वह यह राशि नहीं दे पाए तो उन्हें सेवानिवृत्ति पर मिलने वाले लाभ नहीं मिल पाएंगे। यह स्थिति तो जिले में तैनात हैफेड के सबसे बड़े अधिकारी की है। उनके साथ हैफेड के 21 अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भी इसी प्रकार से घटोतरी डाली गई है। जिसे यदि इन अधिकारियों ने जमा नहीं करवाया तो उन्हें भी सेवानिवृत्ति पर खाली हाथ घर लौटना पडे़गा।
इसके बावजूद विभाग से उनका पिंड नहीं छूटता, उन्हें बाद में रिकवरी के लिए केस का सामना करना पड़ता है। कर्मचारी एवं अधिकारी विभाग की घटोतरी संबंधी नीति को अव्यवहारिक बताते हुए इसे बदले जाने की मांग कर रहे हैं। लेकिन अभी तक उनकी सुनवाई नहीं हुई है।
डीएम को नोटिस जारी
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, हैफेड डीएम को घटोतरी के लिए 11 लाख 24 हजार रुपये की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा जिले भर में कार्यरत 21 कर्मचारियों एवं अधिकारियों को वर्ष 2008 में आई घटोतरी के लिए 14 लाख, वर्ष 2009 में 80 लाख, वर्ष 2010 में 16 लाख, वर्ष 2011 में 43 लाख एवं 2012 के लिए 24 लाख रुपये की रिकवरी के लिए नोटिस जारी हुआ है। जबकि वर्ष 2013 के लिए हुई घटोतरी के लिए नोटिस मिलना अभी शेष है।
वर्ष घटोतरी/रुपये
2008 14 लाख
2009 80 लाख
2010 16 लाख
2011 43 लाख
2012 24 लाख
21 अधिकारी एवं कर्मचारी चार्जशीट
हैफेड से के अनुसार, इस समय उसके 21 अधिकारी एवं कर्मचारी घटोतरी के लिए चार्जशीट किए जा चुके हैं। इन 21 में डीएम सहित खरीद कार्य में लगे सभी अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं।
अव्यवहारिक है नीति
अधिकारियों का कहना है कि सीजन के समय में सरकार एवं तमाम तरह के दबावों के बीच नमी युक्त गेहूं गोदामों में भंडारित हो जाता है। गेहूं के भंडारण के समय अधिक नमी होने के कारण बाद में यह सूख जाती है। सूखने के कारण इसका वजन कम हो जाता है। एफसीआई को छोड़कर हैफेड, एग्रो एवं डीएफएससी के कर्मचारियों को इस स्थिति का सामना करना पड़ता है। जिसमें घटोतरी की गेहूं की कीमत के बराबर की राशि उनसे रिकवर की जाती है। कर्मचारी एसोसिएशन सरकार से मांग कर चुकी है कि एफसीआई की तर्ज पर घटोतरी से उन्हें छूट दी जाए। इस बारे में कर्मचारी सीएम से भी मिल चुके हैं।
सरकार से की जाएगी नीति में बदलाव की मांग: डीएम
हैफेड के डीएम ने कहा कि स्वयं उन्हें भी घटोतरी के लिए चार्जशीट किया गया है। हैफेड के 21 कर्मचारी एवं अधिकारी चार्जशीट हो चुके हैं। जिन पर लाखों रुपये की रिकवरी डाली जा चुकी है। कर्मचारी यह राशि देने में असमर्थ हैं। जिस कारण सेवानिवृत्ति के समय उन्हें मिलने वाले सभी प्रकार से लाभ से वे वंचित रह जाते हैं। इस बारे में एक बार फिर सरकार से मांग की जाएगी कि घटोतरी संबंधी नीति में बदलाव कर इसे एफसीआई की तर्ज पर किया जाए।